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मिशन ज्ञान गंगा: समीक्षा बैठक में डिजिटल शैक्षिक पहल की सराहना, अधिकारियों ने दिए प्रेरक संदेश*

रुडकी/हरिद्वार। बोर्ड परीक्षार्थियों को कठिन विषयों की सरल एवं प्रभावी तैयारी उपलब्ध कराने हेतु संचालित “मिशन ज्ञान गंगा” की प्रगति की *आज आयोजित समीक्षा बैठक* में जिला प्रशासन ने इस अभिनव पहल को शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक परिवर्तनकारी कदम बताया। बैठक में डिजिटल माध्यम से तैयार किए जा रहे विषय–आधारित वीडियो कंटेंट की पहुँच, उपयोगिता एवं प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी

मयूर दीक्षित ने कहा कि मिशन ज्ञान गंगा विद्यार्थियों के लिए *सुगम, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री* उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा —

*“डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कठिन विषयों को सरल रूप में प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है। यह पहल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा रही है और परीक्षा तैयारी को अधिक व्यवस्थित बना रही है। सामूहिक सहभागिता से यह अभियान और व्यापक रूप लेगा।”*

वहीं **मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा** ने कहा कि यह मिशन केवल परीक्षा उन्मुख प्रयास नहीं, बल्कि *अवधारणात्मक समझ विकसित करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल* है। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा —

*“व्हाट्सऐप समूहों, फेसबुक पेज और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए शैक्षिक वीडियो का प्रसार विद्यार्थियों तक ज्ञान की समान पहुँच सुनिश्चित कर रहा है। शिक्षकों और स्वयंसेवी टीम की प्रतिबद्धता सराहनीय है, जो शिक्षा को आधुनिक और प्रभावी बना रही है।”*

डायट रूड़की के प्राचार्य मेराज अहमद ने बताया कि मिशन के अंतर्गत गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं भाषा जैसे विषयों के जटिल अध्यायों को स्थानीय संदर्भ, दृश्य–श्रव्य प्रस्तुति और सरल व्याख्या के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा —

*“विद्यार्थियों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कंटेंट तैयार किया जा रहा है। प्रारंभिक प्रतिक्रियाएँ अत्यंत उत्साहजनक हैं, जो इस पहल की उपयोगिता को सिद्ध करती हैं।”*

बैठक में मिशन से स्वयंसेवी रूप से जुड़े शिक्षकों और सहयोगी टीम के प्रयासों की सराहना की गई। समीक्षा में पाया गया कि डिजिटल कंटेंट के माध्यम से विद्यार्थियों में विषय की समझ और परीक्षा के प्रति आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई है।

जिला प्रशासन ने जनपद के सभी शिक्षकों, शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों तथा यूट्यूबर कंटेंट क्रिएटर्स से आह्वान किया कि वे कक्षा–आधारित उपयोगी शैक्षिक वीडियो तैयार कर डायट रूड़की को उपलब्ध कराएं, ताकि इसे व्यापक स्तर पर विद्यार्थियों तक पहुँचाया जा सके।

अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से मिशन ज्ञान गंगा शिक्षा को अधिक समावेशी, रोचक और परिणामकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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