*बेसहारा बुजुर्गो से है बेइंतहा प्रेम अपनो ने ठुकराया शालू ने गले लगाया दिवाली पर खूब खुशियां बांटी बेसहारा बुजुर्गो के साथ क्रांतिकारी शालू सैनी* 

क्रांतिकारी शालू सैनी ने व उनके बच्चों ने दिवाली के अवसर पर वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों के साथ खुशियां बांटीं। क्रांतिकारी शालू सैनी वृद्ध आश्रम के बुजुर्गो को अपना परिवार मानती है दीपावली पर बुजुर्गो को उनके परिवार की याद न आए इसका भरपूर प्रयास किया ओर उनके साथ समय बिताया और उन्हें मिठाई व उपहार भेंट किए।

साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी ने 

*दिवाली का महत्व खुशियों का त्योहार दिवाली खुशियों और प्रकाश का त्योहार है, जो हमें जीवन की अच्छाई और सकारात्मकता की याद दिलाता है।

– दिवाली का त्योहार हमें अपनों के साथ समय बिताने और खुशियां बांटने का अवसर प्रदान करता है 

*क्रांतिकारी शालू सैनी का प्रयास:*

– *वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों के साथ समय बिताना व उनके चेहरे पर मुस्कुराहट लाना क्रांतिकारी शालू सैनी ने वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उन्हें उपहार भेंट किए।

– *बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाना*: क्रांतिकारी शालू सैनी के इस प्रयास से बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान आई और उन्हें अपनापन महसूस हुआ।

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