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!!ज्योतिषीय भविष्यवाणी भविष्य के लिए एक दृष्टि!! (कमल किशोर डुकलान ‘सरल’)

!!ज्योतिषीय भविष्यवाणी भविष्य के लिए एक दृष्टि!!
(कमल किशोर डुकलान ‘सरल’)

फलित ज्योतिष विज्ञान भविष्य कर्ताओं द्वारा समय-समय पर की गई भविष्यवाणियां ग्रहों की राशि परिवर्तन के साथ भविष्य में होने वाली परिवर्तनकारी संभावित घटनाओं की जानकारी प्रदान करता है।…..

फलित ज्योतिष हमें भविष्य में होने वाली परिवर्तनकारी संभावित घटनाओं की ओर जानकारी पूर्व में अवगत करा देता है। फलित ज्योतिष में ग्रहों की चाल और संयोजनों का मानवीय कार्यों पर बहुत बड़ा प्रभाव होता है।
ज्योतिष विज्ञान हमें महत्वपूर्ण ग्रहों की संरचनाओं में बदलाव के संकेत देता है। सौर मण्डल मेंं ग्रहों का परिभ्रमण से आकाशीय संरचनाएं,राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव पड़ता है,जो ग्रहों के राशियों पर संशोधनात्मक परिवर्तनों की शुरुआत के संकेत भी देता है। फलित ज्योतिष में राशि चक्र के अनुसार भविष्यवाणियाँ व्यक्तिगत राशि भी सम्मिलित करती हैं। कुण्डली भावच्रक में प्रत्येक राशि की अपनी विशेषताओं और प्रवृत्तियों की होती है,ज्योतिषी ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण करते हैं ताकि प्रत्येक राशि के लिए साल में क्या हो सकता है उसके बारे में संकेत प्रदान कर सकें। ये भविष्यवाणियाँ करियर, संबंध, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास जैसे विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, जो लोगों को आगे बढ़ने की चुनौतियों का सामना करने के लिए मदद करती हैं।
ज्योतिष विज्ञान में ज्योतिषियों की भविष्यवाणियाँ केवल बाहरी घटनाओं पर ही ध्यान नहीं देतीं, बल्कि व्यक्तिगत और आध्यात्मिक विकास पर भी जोर देती हैं। ज्योतिषी विशेष ग्रहों और आकाशीय घटनाओं के मेल को उद्दीपन देते हैं। ज्योतिष विज्ञान में ग्रहों का परिभ्रमण स्वाधीनता की गहराई,मूल्यों की खोज,और ब्रह्मांड से जुड़ने के संबंध में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है। इन संरचनाओं के कारण व्यक्ति का क्रमवत विकास होता है।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध ज्योतिष शास्त्र के ज्ञाता एवं भविष्यकर्ता आचार्य पण्डित रमेश सेमवाल जी द्वारा ज्योतिषीय परामर्श उत्तराखंड के फलित ज्योतिषीय ज्ञाता पण्डित रमेश सेमवाल जी से विक्रमी सम्वत्सर 2082 में सौर मंडल में ग्रहों के राजा के सूर्य का राजा और मंत्री होने पर प्रकृति तथा मानव जगत में सूर्य ग्रह के परिणामों पर तथा न्याय के देवता शनि ग्रह की अलग-अलग राशियों पर साढ़े साती एवं ढय्या से सन्दर्भित मनुष्य जगत में शुभ,अशुभ परिणामों के सन्दर्भ में एक मुलाकात हुई।
फलित ज्योतिष विज्ञान के ज्ञाता पण्डित रमेश सेमवाल जी ने बताया कि वैश्विक स्तर पर अगर सूर्य की गति चक्र के अनुसार बात करें तो इस वर्ष विश्व स्तर पर बिक्रमी सम्वत्सर 2082 वैचारिक विवादों एवं प्राकृतिक आपदाओं से युक्त अत्यधिक गर्मी भरा वर्ष रहेगा। सूर्य सौर मंडल में एक तपन,गर्मी युक्त ग्रह है जिस कारण सौर मंडल की सत्ता एवं सत्ता का संचालन ग्रहों के राजा सूर्य के पास रहने के कारण वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक व राजनैतिक उथल-पुथल का वर्ष रहेगा। राजनैतिक स्तर पर सूर्य की तपन के प्रभाव को अगर देखें तो भारत की जी डी पी में बढ़ोतरी,देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की वैश्विक स्तर पर यश,कृति में बढ़ोतरी,नये वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे चमत्कारिक परिणाम ग्रहों के राजा सूर्य के राजा और मंत्री होने के अच्छे परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा राजनैतिक स्तर पर नेताओं के बेतुके बयान बाजी भी मीडिया में देखने और सुनने को मिल सकती हैं। जिससे प्रजा में नेताओं के बेतुके बयानों पर कोतुहल बना रहेगा। सौर मंडल में सूर्य ग्रह ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत होने के कारण वर्षभर प्रकृति व मानव जगत में तनाव जैसा माहौल बना रहेगा।
साक्षात्कार में उत्तराखंड के फलित ज्योतिष के मर्मज्ञ पण्डित रमेश सेमवाल जी ने बताया कि जातक की जन्म कुण्डली के अलग-अलग लग्न चक्रों में न्याय के ग्रह शनि की साढ़े साती व ढय्या का प्रत्येक तीस वर्ष बाद प्रारम्भ होता रहता है। अलग-अलग लग्न भावों में न्याय के ग्रह शनि की साढ़े साती व ढय्या चक्र प्रारम्भ होने पर जातक को न्याय के ग्रह शनि के परिणाम व दुष्परिणाम देते हैं। मनुष्य के साथ जाने-अनजाने में जन्म से मृत्यु पर्यन्त तक अनेकों घटनाएं ऐसी हो जाती है जिसमें न्याय के देवता शनि उसके कर्मों के अनुसार दण्ड व पारितोषिक देते हैं, मनुष्य सतत् अच्छे कर्म करता रहें, हमेशा दुव्यशनों से दूर रहें तो शनि महाराज अच्छे फल के प्रदान करते हैं।
निश्चित रूप से ज्योतिष विज्ञान में ज्योतिषियों की भविष्यवाणी आम जन में सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता पैदा तो करती ही हैं,साथ ही ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए संभावित जोखिमों से बचने अथवा सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग करने के लिए सतत् प्रोत्साहित भी सकती हैं। मानव ने वर्तमान समय में जो भी अपनी सुख-सुविधाओं के अनियोजित विकास को उत्तराखंड सहित सम्पूर्ण हिमालयी राज्यों में पिछले कहीं दिनों से लगातार हो रही बरसात ने प्रकृति के रौद्र रुप के रूप में मानव द्वारा किए जा रहे अनियोजित विकास को चंद समय में नष्ट कर दिया है। काफी कुछ हद तक मानव को उसके भविष्य में होने वाली परिवर्तनकारी संभावित घटनाओं की ओर उत्तराखंड के प्रसिद्ध ज्योतिष शास्त्र के ज्ञाता एवं भविष्यवेत्ता आचार्य पण्डित रमेश सेमवाल जी ने इंगित किया है।
– ग्रीन वैली गली नं 5 सलेमपुर, सुमन नगर,बहादराबाद (हरिद्वार)

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