हरिद्वार, 28 जून 2025: उत्तराखंड के हरिद्वार में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की एक पूर्व महिला नेता पर अपनी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप कराने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में हंगामा मचा दिया है। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो इस मामले की गहन जांच करेगा।
मामले का विवरण
मामले के अनुसार, हरिद्वार में रहने वाली बीजेपी की पूर्व महिला नेता पर आरोप है कि उसने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर अपनी नाबालिग बेटी के साथ कई बार गैंगरेप करवाया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नाबालिग की मां और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मां अपनी बेटी को कई बार हरिद्वार से बाहर भी ले गई, जहां होटलों में नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटनाएं हुईं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पीड़िता की मां और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, जो इस जघन्य अपराध के कई राज खोल सकता है। पुलिस टीमें सबूत जुटाने के लिए वृंदावन और आगरा भी जाएंगी, जहां कथित तौर पर कुछ घटनाएं हुई थीं।
कांग्रेस का बीजेपी पर हमला
इस मामले को लेकर उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। 9 जून 2025 को उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला हरिद्वार पहुंचीं और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की कड़ी निंदा की। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए, ताकि निष्पक्ष और गहन जांच हो सके। रौतेला ने कहा, “बीजेपी केवल आरोपी को पार्टी से निकालकर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती। इस मामले में बीजेपी नेताओं के साथ आरोपी की फोन पर हुई बातचीत को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।”
हरिद्वार के देवपुरा चौक पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन किया और पार्टी का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे को खोखला साबित करने का आरोप लगाया।
SIT जांच और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की है। हरिद्वार पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो इस मामले की तह तक जाने के लिए सभी सबूतों की जांच करेगा। पुलिस ने बताया कि SIT न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अन्य शहरों में भी जाकर सबूत इकट्ठा करेगी। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड्स, और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसका बयान जल्द ही अदालत में दर्ज किया जाएगा। इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी ने इस मामले में आरोपी पूर्व महिला नेता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने कहा कि वह इस तरह की घटनाओं की कड़ी निंदा करती है और जांच में पूरा सहयोग करेगी। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी इस मामले में केवल दिखावटी कार्रवाई कर रही है और असल में बड़े नेताओं का दबाव जांच को प्रभावित कर सकता है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले ने हरिद्वार और उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर आक्रोश पैदा किया है। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना को “नैतिक पतन” का प्रतीक बताया है। कई संगठनों ने मांग की है कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मामले को बीजेपी की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया है। कांग्रेस ने कहा कि यह घटना बीजेपी के “महिला सशक्तिकरण” के दावों की पोल खोलती है।
आगे की जांच
SIT की जांच अब इस मामले के सभी पहलुओं पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि यह एक जटिल मामला है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि क्या इस मामले में कोई बड़ा रैकेट संचालित हो रहा था।
इस बीच, पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि पीड़िता और उसके परिवार को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
यह मामला न केवल हरिद्वार बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। बीजेपी की पूर्व महिला नेता पर लगे इन गंभीर आरोपों ने पार्टी की छवि पर सवाल उठाए हैं। SIT की जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि इस जघन्य अपराध के सभी दोषियों को सामने लाया जाएगा और पीड़िता को न्याय मिलेगा।