रुड़की। एक तू सच्चा, तेरा नाम सच्चा ईश्वरीय मंत्र के दृष्टा ऋषि सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले ने कहा कि ,पुरुष ब्रह्म नमस्तुभ्यं, हे सनातन पुरुष परमात्मा तुझे नमस्कार है ,तू कहां पर बैठा हुआ संसार की संभाल कर रहा है। जहां पर तेरा ज्योतिर्मान तख्त है वहां तेरे सामने और असंख्य देवी देवता, सिद्ध, सप्त ऋषि, हाथ जोड़ ,मस्तक झुकाए ,रात दिन तेरी स्तुति करते रहते हैं। सत्पुरुष बाबा फुलसंदे वाले यहां रामनगर स्थित मन्नी मैरिज पैलेस में आयोजित त्रिदिवसीय दिव्य सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने गाया काल पुरुष की देह में कोटिक विष्णु ,महेश । कोटिक ब्रह्मा, इंद्र ,कोटी रवि शशि कोटिक जलेश। आसमानों में हजारों गंधर्व हे प्रभु तेरी स्तुति के राग गा रहे हैं, अपनी आत्मा के साज पर गा गा कर वे तुझे प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। सत्पुरुष ने कहा कि पृथ्वी ,पवन जल ,अग्नि सब तुझे गा रहे हैं नरक में आत्माओं पर शासन करने वाले मृत्यु देव भगवान वैवशयत यम तेरी माला घूम रहे हैं। जीवों के लेख लिखने वाले चंद्रगुप्त देवता लिखते लिखते तेरा ही ध्यान कर रहे हैं। स्वर्ग में इंद्र देवगण के दलों के साथ तेरी महिमा का गायन करते हैं ।उन्होंने कहा कि हे प्रभु 84 लाख जून तेरे ही ध्यान में निमग्न है ,और कौन-कौन तेरी स्तुति कर रहे हैं मेरी छोटी सी बुद्धि में उनके विचार नहीं आते । सत्पुरुष ने कहा कि हे परमेश्वर मेरे राष्ट्र का प्रत्येक व्यक्ति आत्मा से तपस्वी व शरीर से मजबूत सैनिक बने ताकि वह राष्ट्र धर्म व संस्कृति की प्राणपन से सेवा रक्षा कर सके। सत्पुरुष का दिव्य भव्य स्वागत करने वालों में सर्वश्री भीमसेन मेहंदी रत्ता ,अशोक शर्मा आर्य, अजय चौधरी ,सुभाष अरोड़ा ,बी एम लाल मदान, प्रदीप त्यागी, रमेश भटेजा सहित सैकड़ो श्रद्धालु सम्मिलित रहे।
राष्ट्र का प्रत्येक व्यक्ति आत्मा से तपस्वी व शरीर से मजबूत सैनिक बने ताकि वह राष्ट्र धर्म व संस्कृति की प्राणपन से सेवा रक्षा कर सके
