शहरी विकास विभाग ने रुड़की नगर निगम मेयर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है. नोटिस जारी होने के बाद नगर निगम की सियासत एक बार फिर तेज हो गई है.मेयर के खिलाफ पहले हुई जांच के बाद शासन ने मेयर को नोटिस जारी किया है. मेयर गौरव गोयल और नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ल ने अब तक मामले में जानकारी नहीं होने की बात कही है.गीतांजलि विहार निवासी अमित अग्रवाल ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. जिसमें मेयर पर कई आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी. आरोप है कि मेयर ने लीज संपत्ति हस्तांतरण के नाम पर पच्चीस लाख रुपये मांगे. साथ ही निगम अभिलेखों में छेड़छाड़ सहित कई आरोप लगाए गए थे. हाईकोर्ट ने शासन को दो माह में आरोपों की जांच करने के आदेश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी थी. शासन के आदेश पर डीएम ने सीडीओ प्रतीक जैन की अध्यक्षता में चार सदस्य कमेटी का गठन किया था. जिसमें डीआरडी के परियोजना निदेशक, मुख्य कोषाधिकारी आदि शामिल रहे. टीम ने अलग-अलग बार निगम पहुंचकर दस्तावेज खंगाले. पार्षदों को भी जांच में अपनी बात रखने को कहा गया था. टीम ने रिपोर्ट शासन को भेज दी गई. जांच रिपोर्ट के बाद शासन ने नोटिस की कार्रवाई की है.प्रदेश के निकायों में रुड़की में अलग से निगम चुनाव हुए थे. बाकी निकायों के मुकाबले रुड़की में अभी निगम का कार्यकाल करीब डेढ़ साल का बचा हुआ है. 2019 में हुए चुनाव के बाद से रुड़की निगम की राजनीति बेहद उठापटक भरी रही. मेयर गौरव गोयल भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव जीते. बाद में वह भाजपा में शामिल हुए. लेकिन उनकी भाजपा में वापसी भी लंबी नहीं चली.अधिकांश भाजपा पार्षद थे खिलाफ रुड़की नगर निगम में अधिकांश भाजपा पार्षद मेयर के खिलाफ चल रहे थे. जांच कमेटी ने पार्षदों के भी मामले में बयान दर्ज किए थे. भाजपा पार्षद और मेयर के मध्य सामंजस्य नहीं था. जिस कारण पार्षद भी उन्हें लेकर मुखर हो गए थे.






