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श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय वातावरण में हुआ दिव्य वर्णन

रुड़की। कर्नल एन्क्लेव स्थित श्री भवानी शंकर आश्रम, रुड़की में चल रही भव्य श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। 

कथा व्यास आचार्य डॉ. महेश चंद्र ने द्वितीय दिवस की कथा में कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार की दिशा प्रदान करने वाला दिव्य प्रकाश है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा हृदय में भगवान के प्रति प्रेम और श्रद्धा जागृत होती है।

कथा के प्रथम दिवस में श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा एवं भक्ति के महत्व का वर्णन किया गया था, जबकि द्वितीय दिवस की कथा में भगवान की दिव्य लीलाओं, भक्तों की महिमा तथा धर्म के गूढ़ रहस्यों का सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं एकाग्रता के साथ कथा श्रवण किया। आयोजन समिति ने कहा कि यह समस्त श्रद्धालुओं का सौभाग्य है कि उन्हें संतों के श्रीमुख से अमृतमयी श्रीमद्भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। यह आयोजन ब्रह्मलीन महंत श्री गुलाब गिरी जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से, श्री महन्त रीमा गिरी जी और श्री महन्त त्रिवेणी गिरी जी के पर्यवेक्षण में आयोजित किया जा रहा है।

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