
रुड़की। आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर दिल्ली मार्ग रुड़की में पांच दिवसीय प्रांतीय खेलकूद प्रशिक्षण वर्ग के समापन कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रकाश चंद अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, विजयपाल प्रदेश निरीक्षक), नत्थीलाल बंग्वाल गढ़वाल संभाग निरीक्षक रविंद्र रावत प्रांत खेल कूद संयोजक एवं वर्ग संयोजक प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह द्वारा मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में गढ़वाल संभाग एवं कुमाऊँ संभाग के 35 से अधिक खेल शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने योगासन, कबड्डी, खो-खो, शतरंज आदि खेलों में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
श्री प्रकाश चंद जी ने समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खेल प्रशिक्षकों से प्रदर्शन से पूर्व खिलाडियों के निरंतर अभ्यास, प्रोत्साहन और योजना निर्माण के महत्व को अत्यंत आवश्यक बताया। खेल के मध्य आपस में खिलाड़ियों के बीच होने वाले संवाद में भाषा शैली की शालीनता को भी अनिवार्य बताते हुए अभिभावकों को साथ लेकर शिक्षार्थियों और खेल प्रतिभाओं का विकास किए जाने को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

विजयपाल जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्ग प्रशिक्षण के पश्चात सभी खेल प्रशिक्षकों को स्वयं में श्रेष्ठ कार्य करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना होगा और अपने व्यवहार में सरलता सुगमता तथा व्यापकता के भाव को संचारित करना होगा। प्रकृति का नियम है कि जहां खेत में बीज नहीं डाला जाता वहां पर अवांछनीय घास उत्पन्न होती है, अतः हमें छात्र-छात्राओं के मस्तिष्क में अच्छे, सामाजिक, नैतिक, सांस्कृतिक, और राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत विचारों को साझा करना है ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर नत्थीलाल बंग्वाल (गढ़वाल संभाग निरीक्षक) ने वर्ग में उपस्थित अतिथियों, समस्त खेल प्रशिक्षकों, आयोजक एवं व्यवस्था टीम का आभार एवं धन्यवाद किया ।
इस अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य मोहन सिंह मटियानी, भवन प्रभारी जसवीर पुंडीर, नवीन रावत, सचिन कुमार, तिलक राम चौहान, नीरज नौटियाल, विवेक पांडे, संजय मेहता, जितेंद्र एवं सुरेंद्र कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।






