
ऋषिकेश से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बजरंग सेतु, जिसे लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में तैयार किया गया था, उसके कांच वाले हिस्से में अचानक दरार आ गई। हैरानी की बात यह है कि पुल का अभी तक आधिकारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ था।
करीब ₹69 करोड़ की लागत से लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाए गए इस 132 मीटर लंबे आधुनिक पुल को इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना बताया जा रहा था। पुल में 5 मीटर चौड़ी डामर सड़क के साथ दोनों ओर लगभग 1.5-1.5 मीटर चौड़े पारदर्शी कांच के पैदल मार्ग बनाए गए हैं। दावा किया गया था कि इसमें 65 मिमी मोटाई का मजबूत कांच लगाया गया है।

घटना सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कांच वाले हिस्से पर आम लोगों की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। मौके पर तकनीकी टीम जांच में जुट गई है और कांच चटकने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और पर्यटक भी इसको लेकर चिंता जता रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल कांच वाले हिस्से से दूर रहें।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह निर्माण में लापरवाही का मामला है या फिर कोई तकनीकी खामी? जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।






