
रुड़की। मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की के क्रीड़ा प्रांगण में आयोजित विश्वविद्यालय का वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता ‘प्रतिस्पर्धा–2026’ का उद्घाटन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

समारोह का शुभारंभ प्रतिभागियों एवं संकाय सदस्यों के एकत्रीकरण के साथ हुआ। तत्पश्चात मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की के कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा, मुख्य अतिथि ‘हिंद केसरी’, ‘भारत केसरी’ ख़िताब एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता सुभाष वर्मा उर्फ़ महाबली सुभाष एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया गया। दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना की नृत्य प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का औपचारिक प्रारम्भ हुआ। स्वागत समारोह के दौरान अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं बैज लगाकर किया गया। मुख्य अतिथि को पौध, अंगवस्त्रम, प्रतीकचिन्ह के रूप में गदा एवं पगड़ी पहना कर सम्मानित किया गया।

वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता ‘प्रतिस्पर्धा–2026’ के उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। उन्होंने कहा कि खेल हमें अनुशासन, समय-प्रबंधन, धैर्य और टीम भावना की सीख देते हैं। प्रो० शर्मा ने अपने उद्बोधन में यह भी बताया कि जीवन में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प से मिलती है। मैदान में हार-जीत दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि हार हमें अपनी कमियों को पहचानने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, जबकि जीत आत्मविश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ खेलों में भाग लें और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

इसके साथ ही उन्होंने खेल को वर्तमान समय में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक सुदृढ़ता के लिये अत्यंत आवश्यक बताया। साथ ही यह भी कहा कि नियमित खेल गतिविधियां न केवल शरीर को स्वस्थ रखती हैं, बल्कि तनाव को कम कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं। प्रो० शर्मा ने आयोजन समिति, खेल विभाग और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन संस्थान की पहचान को सुदृढ़ करते हैं और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता ‘प्रतिस्पर्धा–2026’ के अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि सुभाष वर्मा उर्फ़ महाबली सुभाष ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं वैश्विक सद्भावना का एक सशक्त माध्यम हैं। मैदान में सीखी गई अनुशासन, समर्पण और टीमवर्क की भावना जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाती है। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हार और जीत खेल का स्वाभाविक हिस्सा हैं। हार हमें आत्ममंथन का अवसर देती है, जबकि जीत हमें आगे बढ़ने का उत्साह प्रदान करती है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे निष्पक्षता और खेल भावना को सर्वोपरि रखते हुए पूरी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लें।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। खेल गतिविधियां युवाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सकारात्मक सोच का विकास करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और संस्थान की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है।
स्वागत भाषण करते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो० कृष्णपाल ने संस्थान की खेल उपलब्धियों, विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा इस प्रतियोगिता में होने वाले खेलों का पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया । उन्होंने बताया कि इस ‘प्रतिस्पर्धा–2026’ में कुल 25 प्रतिस्पर्धा आयोजित होगी जिसमें वभिन्न संकायों के 209 दल प्रतिभाग करेगें। उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन डॉ० लता आर्या के द्वारा किया गया।
इसके शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने की शपथ ली। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० शर्मा द्वारा प्रतियोगिता के प्रारम्भ होने (मीट ओपन) की घोषणा किया गया और गुब्बारे छोड़ने के साथ वातावरण उत्साह से गूंज उठा।
प्रतियोगिता के सद्भाव पूर्वक समापन के आशय से मशाल के प्रतीकात्मक हस्तांतरण हेतु मशाल दौड़ का आयोजन किया गया, जिसका प्रारम्भ विश्वविद्यालय के छात्र एवं रष्ट्रीय स्तर के कुश्ती खिलाड़ी महाशुभ द्वारा किया गया। सभी संकाय के प्रतिनिधि धावकों के हाथ से गुजरते हुए अंत में मशाल विश्वविद्यालय के छात्र एवं रष्ट्रीय स्तर के कुश्ती खिलाड़ी ध्रुव महाशुभ द्वारा मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की के कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा एवं मुख्य अतिथि सुभाष वर्मा को प्रदान किया गया जिनके द्वारा इसे खेल प्रांगण में स्थापित किया गया। राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन सत्र का समापन हुआ। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, समस्त संकायों के अधिष्ठातागण, विभागों के विभागाद्यक्ष, शिक्षकगण, गैर- शैक्षणिक स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा एवं मुख्य अतिथि सुभाष वर्मा ने समस्त प्रतिभागियों का परिचय लिया तथा हरी झंडी दिखाकर एथलेटिक प्रतियोगिताओं की शुरुआत 200 मीटर दौड़ (बालक एवं बालिका वर्ग) से किया। दिनभर विभिन्न ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साथ ही आज वॉलीबाल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। ‘प्रतिस्पर्धा–2026’ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि खेल गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह और खेल भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।





























