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आज के हालातो में महिलाओं को बडा सचेत व सावधान रहने की आवश्यकता

 

रुड़की । हिन्दू धर्म सबके लिए मंगल कामना करता है। पुरे विश्व को अपना मानता है। सबके दुख-सुख को महसूस करता है। यही हिन्दूत्व का प्रकटीकरण है। उक्त उद्‌गार कण्व ऋषि आश्रम कोटद्वार के पीठाधीश्वर स्वामी जयन्त सरस्वती महाराज जी ने विराट हिन्दू सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुये व्यक्त किये। स्वामी जयन्त सरस्वती रुड़‌की “के पोलोटेक्निक हास्टल के मैदान में आयोजित विराट हिन्दु सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे ।उन्होंने कहा कि वर्तमान भारत विश्व में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह सब आरएसएस की 100 वर्ष की अखण्ड साधना का प्रतिफल हैं। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि के रूप में देहरादून से आई, वरिष्ठ अधिवक्ता, एवं साहित्यकार वीर रूस की जानी मानी कवयित्री सुरेखा हिन्दुस्तानी ने महिलाओं को बहुत ज्यादा जागरूक होना है, उस पर बल देते हुए कहा कि आज जिस प्रकार की स्थिति देश की बनी हुई है, महिलाओं को बडा सचेत व सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने वीरागना लक्ष्मीबाई दुर्गावती, चेनम्मा, कर्णावती, अपाला, गार्गी जैसी महिलाओं को अपना आदर्श मानकर उनके जैसे बनने की जरूरत है जो समय आने पर राष्ट्र विरोधी शक्तियों का सर्वनाश कर सके।संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी “देते हुये बतौर विशिष्ट अतिथि आर, एस, एस के सह सह‌ विभाग सेवा प्रमुख प्रताप सिंह ने कहा संघ का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरुकता है, हमे अपने राष्ट्र के प्रति स्व का भाव उत्पन्न हो, कुटुम्ब संस्कारित हो, नागरिक कर्तव्यों के प्रति आगे बढे, जिससे हमार राष्ट्रव समाज प्रगति की और निरन्तर आगे बढ़ता रहे।सभा को प्रसिद्ध समाज सेवी, लक्ष्मीचन्द ने भी अध्यक्षता करते हुये अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हिन्दु समाज की एकजुटता ही सभी समस्याओं का समाधान है। विराट हिन्दू सम्मेलन का संचालन, समाजसेवी, शिक्षाविद व कवि किसलय क्रांतिकारी ने किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया गया। हजारो की सख्या में लोग उपस्थित रहे। नगर के प्रतिष्ठित कालेज आर्य कन्या इण्टर कालेज व लाई कृष्णा पब्लिक स्कूल के बच्चों-ने भव्य, रंगारंग, संस्कृति,धर्म पर आधारित सास्कृतिक कार्यकर्मो से दर्शको को मन्त्र मुग्ध कर दिया। अनेक बार दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाई। कार्यक्रम में वीर रस के प्रसिद्ध कवि डॉ विनय प्रताप सिंह ने वीर रस की कविता सुनाकर लोगों में जोश भरा। गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार के प्रोफेसर डा०           

 धर्मेन्द्र बालियान ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर क्षेत्र में निवास करने वाले अनेक लोगो को भी सम्मानित किया गया, जिन्होने किसी विशिष्ट क्षेत्र में अपना योगदान दिया है। इस अवसर पर डा० बुजपाल धीमान, प्रवेश धीमान अमित सैनी, रविंद्र सैनी, नरेश शर्मा, सचिन त्यागी, कपिल खत्री, अंग्रेसपाल, पवन, रोमा सैनी ,संदीप पुरी, डा० आनन्द भारद्वाज, अनूपसैनी, पवन सैनी, पंडित मोहन शर्मा, विवेक उपाध्याय, हरपाल आर्य, कर्णसिह इतिहासकार, , राकेश सैनी, गौरव ,निकुंज,विजय, राजेन्द्र चौधरी, सोमपाल आर्य, राजेन्द्र चौधरी, सुधीरसेनी, मोन्टू, योगिता, कदम सिहँ, विक्रम सिंह उपाध्याय, सुदेश कुमारी, दीपाली खत्री, कदम सिहँ, संजीव, त्रिवेन्द्र प्रचारक मयंक भाटिया, मनोज सैनी, सोनू कश्यप ,नरेंद्र गर्ग, नरसिहँ, रोहिताश सैनी, अनिल सैनी, लोकेश सैनी, बाल कवि, विराट हिन्दुस्तान पुष्पेंद्र, नीरज,अनुज,आदि उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण हनुमानजी ‘के वेष में पुरे समय मंच पर एक छोटे बालक ने सबका भन मोह लिया। कार्यक्रम में सबसे पहले यज्ञ हवन का आयोजन किया, आर्य समाज नन्द विहार ने सभी को साथ बैठाकर यज्ञ कराया।

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