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आप्रेशन सिंदूर वीरता का ऐतिहासिक प्रमाण: स्वामी अवधेशानंद 

रुड़की । जूनापीठाधीश्वर व हरिहर आश्रम हरिद्वार के संचालक स्वामी अचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा है कि वर्तमान समय में कवियों व साहित्यकारों का दायित्व अधिक बढ़ गया। क्योंकि आज जनमानस में राष्ट्रवाद व देश प्रेम से ओतप्रोत कविताओं की बहुत आवश्यता है।

उन्होंने हरिद्वार रोड स्थित एक आश्रम में अवधेशानंद पॉलिटेक्निक द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर में देशभर से आये श्रद्धालुओं व साहित्यकारों को संबोधित करते हुए कहा कि “आप्रेशन सिंदूर” इस शताब्दी की सबसे ऐतिहासिक वीरता और पराक्रम की अदभुत घटना है जिसने पूरे विश्व में भारतीय सेना की शक्ति का लोहा मनवाया है । उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से हर भारतवासी की आशा को बल मिला है तथा आतंकवाद के ठिकानों को पाकिस्तान मे घुस कर हमारी सेनाओं ने तबाह है,जिस पर कवियों को भी कविताएं लिखनी चाहिए। जूनापीठाधीश्वर ने कहा कि साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से समाज में देशभक्ति और राष्ट्रीय जागृति को बल देने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर उत्तराखंड उर्दू अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष व अंतरराष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल मंगलोरी ने स्वामी अवधेशानंद को हिंदी दोहों का संकलन भेंट किया,जिसमें यह दोहा श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया ” जन जन में वितरित करें वाणी से मकरन्द ,हरिहर का उदघोष हैं श्री अवधेशानंद ” । इस अवसर पर भारत रक्षा मंच की प्रदेश अध्यक्ष व महिला आयोग की पूर्व सदस्य रश्मि चौधरी ने स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर उनकी सेवाओं को राष्ट्र धरोहर बताते हुए महान सनातन संस्कृति सेवक बताया।

कार्यक्रम में भारत रक्षा मंच की ज़िला अध्यक्ष सरस्वती रावत,प्रचार सचिव मीतू रानी ,बिटन त्यागी,हिमांशु सैनी आदि ने महाराज के स्वागत किया।

Samarth Bharat News

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