
रुड़की । शालिग्राम तुलसी विवाह के अवसर पर रुड़की के रामनगर श्री राम मंदिर से भगवान शालिग्राम की बारात भव्य शोभायात्रा के रूप में निकली गई। भगवान शालिग्राम की बारात में शामिल सभी श्रद्धालु रामनगर राम मंदिर से होते हुए कॉलोनी की ही रहने वाले हरिश्चंद्र के आवास पर पहुंचे जहां पर पहुंचे भगवान शालिग्राम की बारात का फूलों से भव्य स्वागत किया गया। जहां पर तुलसी पक्ष के श्रद्धालुओं ने वहां पर सभी बारातियों का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रामनगर राम मंदिर परिसर में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर भगवान शालिग्राम व तुलसी विवाह संपन्न हुआ।रामनगर राम मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित कैलाश शास्त्री ने विधि विधान पूजा अर्चना के साथ भगवान श्री शालिग्राम व तुलसी का विवाह विधि विधान पूजा अर्चना के साथ संपन्न कराया। इस अवसर पर उन्होंने मां तुलसी व भगवान शालिग्राम के विवाह का महत्व बताते हुए कहा कि तुलसी विवाह का महत्व एक पौराणिक कथा के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी और विष्णु के प्रतीक शालिग्राम का विवाह कराया जाता है। ऐसा माना जाता है कि, इस विवाह को कराने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस अवसर पर वीना चांदना, चंचल लखानी,रीता लूथरा,प्रिया सेमवाल,प्रीति,संतोष,पूनम, ऊषा बत्रा,गीता सेतिया,शकुंतला,पूजा पूजा मेहंदी रत्ता, बीना बत्रा, रीना बत्रा,राज सेतिया,सुषमा, सरस्वती लखानी, मुनि देवी, बरखा चावला, हरीश चंदना पंडित हेमंत ध्यानी आदि अनुपस्थित रहे।






