
नवरात्र चल रहा है, जगह-जगह माता रानी के पंडाल सजे हुए हैं। लोग धूमधाम से नवरात्र मना रहे हैं। जगह-जगह खुशी का माहौल है और हर जगह जय माता दी की गूंज सुनाई दे रही है। शहडोल जिले में भी कुछ ऐसा ही माहौल है।लेकिन केशवाही क्षेत्र के बलबहरा गांव में स्थापित मां की एक प्रतिमा में कुछ ऐसा बुधवार की शाम हुआ, जिसे देखने लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
लोगों के अनुसार, कई वर्षों से नवरात्र में मां दुर्गा की प्रतिमा इस स्थान में रखी जा रही है। इस वर्ष भी धूमधाम के साथ लोगों ने मां दुर्गा की प्रतिमा जो शेर में सवार है, वह रूप रखा है। लेकिन बुधवार की शाम मां जिस शेर में सवार हैं, उस शेर में माता रानी के कदमों के निशान अपने आप ही प्रकट हो गए हैं। ऐसा लोगों का मानना है। जैसे ही यह खबर गांव में फैली तो लोगों का जनसैलाब इसे देखने के लिए उमड़ पड़ा है। अब वह कौतूहल का विषय बन गया है

।बताया गया कि केशवाही चौकी अंतर्गत आने वाले गांव बलबहरा के भगत सिंह तिराहा में मां दुर्गा की प्रतिमा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्थापित की गई है। बुधवार की शाम कुछ महिलाओं को माता आई, जिसमें लोग व्यस्त हो गए। उसके कुछ देर बाद जब मां की आरती करने के लिए लोग प्रतिमा के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जिस शेर में मां सवार हैं, उस शेर में माता रानी के कदमों के निशान बने हुए हैं। काफी संख्या में लोग आरती के दौरान वहां मौजूद थे। उन सभी लोगों ने इस दृश्य को देखा, इसके बाद गांव के लोगों को भी इसकी जानकारी लगी, जिसे भी यह जानकारी लगी वह इस नजारे को अपनी आंखों से देखने यहां पहुंच रहा है और लोगों का हुजूम यहां इकट्ठा हो गया है।
दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष राजाराम नामदेव ने बताया कि कई वर्षों से भगत सिंह तिराहा में मां की प्रतिमा स्थापित की जाती है। हर वर्ष अलग-अलग रूप में मां को यहां स्थापित किया जाता है। इस वर्ष शेर में सवार होकर मां यहां पर बैठी हुई है। बुधवार की शाम अचानक मां की प्रतिमा एवं आसपास माता रानी के पैर के निशान बन गए हैं, जिसे राजाराम ने खुद अपनी आंखों से देखा है। अब उसे देखने काफी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं, जो अब कौतूहल का विषय बना हुआ है।






