
भेल के एक अफसर को हनीट्रैप में फंसाए जाने के मामले में रोज नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी शशांक वर्मा ने खुद को रशियन बताकर उज्बेकिस्तान की एक लड़की को भेजकर अफसर से रकम ऐंठी।इस मामले की गहराई से जांच के लिए एसआईटी ने अपनी जांच को तेज कर दिया है। डीसीपी जोन-2 श्रद्धा तिवारी ने बताया कि आरोपी शशांक ने अफसर से ऐंठी गई रकम किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की थी। एसआईटी अब इस व्यक्ति की जानकारी जुटा रही है।

इसके अलावा, आरोपी की कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (सीडीआर) से कई संदिग्ध नंबर मिले हैं। एसआईटी अब इन नंबरों की जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए उनके करीबियों से संपर्क कर रही है।

शशांक वर्मा ने दावा किया था कि उसके पास 27 वीडियो हैं, जिनकी जांच एसआईटी कर रही है। मोबाइल से मिले वीडियो और तस्वीरों की भी गहन छानबीन की जा रही है। संदिग्ध महिला, जो बाहरी राज्यों की युवतियों को भोपाल में ठहराती थी, की भूमिका भी जांची जा रही है।संदिग्ध महिला और फ्लैट्स

एसआईटी को लीड कर रहे एसीपी दीपक नायक ने बताया कि संदिग्ध महिला बाहरी राज्यों की युवतियों को शहर में ठहराती है। इसके तहत दो फ्लैट्स की पहचान की गई है, जहां युवतियाँ ठहरी हुई थीं। एसआईटी ने इन युवतियों से पूछताछ की, जिन्होंने किसी प्रकार के दबाव या जबरदस्ती का दावा नहीं किया। फिर भी, एसआईटी को मामला संदिग्ध लग रहा है और संदिग्ध महिला की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
होटल और कमरे का बुकिंग
हनीट्रैप की घटना जिस होटल में हुई, वहां का कमरा अफसर ने खुद के नाम से बुक किया था। एसआईटी इस होटल के स्टाफ और शशांक के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उनसे पूछताछ की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।यह मामला गंभीर हो गया है, और एसआईटी ने सभी संभावित पहलुओं की जांच सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। इस मामले की जाँच पूरी होने तक हर बारीक़ी को ध्यान में रखा जा रहा है, ताकि आरोपी न्याय के दायरे में आ सकें





























