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अशासकीय विद्यालयों के साथ भेदभाव पर माध्यमिक शिक्षक संघ नाराज

रुड़की। उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद एवं उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने अशासकीय विद्यालयों से वार्षिक गृहपरीक्षा के प्रश्नपत्रों की छपाई का खर्च मांगे जाने का कड़ा विरोध करते हुए इन प्रश्नपत्रों के लिए कोई शुल्क नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया।आज अशासकीय विद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ एवं उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनिल शर्मा के आवास पर हुई आकस्मिक बैठक में अधिकारियों पर अशासकीय विद्यालयों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए जनपद हरिद्वार में गृह वार्षिक परीक्षाओं में जनपदीय स्तर से अशासकीय विद्यालयों को दिए जाने वाले प्रश्नपत्रों के निर्माण व मुद्रण के खर्च मांगे जानें का कड़ा विरोध किया गया।जिलाध्यक्ष राजेश सैनी ने कहा कि शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की 3 जनवरी, 2023 को आहूत बैठक प्रस्ताव पारित किया गया हैं कि कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 के प्रश्न पत्रों का निर्माण एससीईआरटी द्वारा कराया जाएगा तथा उनके निर्माण एवं मुद्रण का व्यय समग्र शिक्षा की एम एम ई निधि से देय होगा लेकिन मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार द्वारा मौखिक रूप से अशासकीय विद्यालयों को प्रश्नपत्र मुद्रण का खर्चा जनपदीय समिति को जमा कराने के लिए कहा जा रहा है जबकि राजकीय विद्यालयों से कोई शुल्क नहीं मांगा जा रहा है।बठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि अशासकीय विद्यालयों द्वारा प्रश्नपत्र मुद्रण का कोई भी शुल्क जनपदीय परीक्षा समिति को नहीं दिया जाएगा। बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनिल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ प्रदीप त्यागी, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष चौ.विजय प्रधान, डॉ घनश्याम गुप्ता, डॉ दीपक शर्मा, डॉ अशोक आर्य, कंवरपालसिंह, संघ जिला अध्यक्ष राजेश सैनी, जिलामंत्री जितेंद्र पुंडीर, भोपालसिंह सैनी,पुष्पराज चौहान, धनंजय सिंह, दिग्विजय सिंह, वीरेंद्र प्रभु , सुषमा बालियान, कुंवरपाल चौहान, अविनाश शर्मा, मैनपाल सिंह, धर्मवीर सिंह आदि उपस्थित थे।

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