आम बजट में अलीगढ़ को लेकर सीधे तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई। मगर कुछ योजनाओं ने जिले को संजीवनी देने का काम किया है। सबसे ज्यादा राहत नौकरीपेशा वर्ग को आयकर स्लैब में छूट से मिली है।एमएसएमई का बजट छह से बढ़ाकर नौ हजार करोड़ रुपये किए जाने और ब्याज दर में एक फीसदी की छूट ने छोटे-लघु उद्यमियों को राहत दी है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत श्रेणी दो व तीन में आने वाले शहरों को 10 हजार करोड़ रुपये का बजट जारी करने से विकास को बढ़ावा देने संकेत मिले हैं। पीएम आवास योजना के बजट में 66 फीसदी की बढ़ोतरी से रीयल स्टेट को राहत मिली है। कुल मिलाकर इस बजट ने कई अच्छे संकेत दिए हैं।
बजट के जानकार बताते हैं कि कुटीर उद्योग के रूप में ताला व हार्डवेयर का उत्पादन होता है। यहां बने ताला व हार्डवेयर का निर्यात पूरे देश दुनिया में होता है। शहर के कारोबार और रोजगार की यह मूल धुरी है। उद्योग को लेकर जो दो घोषणाएं हुई हैं, वह नोटबंदी व कोविड के दौर से जूझने के बाद संजीवनी का काम करेंगी। मेक इन इंडिया के तहत प्रधानमंत्री कौशल विकास मिशन 4.0 में 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित होंगे, जिससे उद्योगों में कुशल कामगारों की कमी दूर करने में सहायक साबित होंगे।इसी तरह जब स्मार्ट सिटी योजना के बजट से श्रेणी दो और तीन में शामिल शहरों का विकास होगा तो रीयल स्टेट सहित अन्य कारोबार भी लाभ पाएंगे। अलीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना की तृतीय श्रेणी में आता है। जिससे यहां पर रुके विकास कार्य की गति बढ़ेगी। इससे शहर में होने वाले निवेश और आवासीय योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। आयकर स्लैब में सीधे तौर पर ढाई से बढ़ाकर तीन लाख की छूट व निवेश न करने पर 7 लाख में छूट भी निजी व सरकारी क्षेत्र के नौकरी पेशाओं को राहत दे रही है। इस तरह बजट से होने वाले लाभों को नकारा नहीं जा सकता। आयकर के आंकड़ों के अनुसार 3 लाख तक की छूट लेने वाले की संख्या 50 हजार व 7 लाख तक की छूट लेने वालों की संख्या 20 हजार से अधिक होगी।

ये बजट के खास संकेत
एमएसएमई में 9 हजार करोड़ के बजट प्रावधान और ब्याज में एक फीसदी की छूट से बड़े लाभ के संकेत
टायर-2 व 3 श्रेणी के स्मार्ट सिटी को 10 हजार करोड़ का बजट अपने शहर को लाभ देने वाला होगा
टैक्स के 3 लाख स्लैब और 7 लाख स्लैब में काफी संख्या में नौकरीपेशा वर्ग के लोग होंगे लाभान्वित
पीएम आवास में 66 फीसदी के अधिक बजट से रीयल स्टेट कारोबार को भी लाभ मिलने के हैं संकेत
यह तथ्य भी जानें
6 से 8 लाख ताले हर दिन बनाए जाते हैं शहर में
15 हजार पंजीकृत उद्योग शहर में, 10 हजार गैर पंजीकृत
25 हजार से अधिक छोटी-बड़ी इकाई कुल संचालित हैं
20 हजार करोड़ का सालाना टर्न ओवर ताला-हार्डवेयर में
2 लाख लोग इस कुटीर उद्योग में काम करते हैं
200 निर्यातक इकाइयों से 5500 करोड़ का निर्यात भी है
जनता की प्रतिक्रिया।
बजट से देश में आर्थिक सुधारों को गति मिलेगी। चिकित्सा के क्षेत्र में विकास के लिए इस बजट में 157 नए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा व मेडिकल रिसर्च के लिए निजी व सरकारी मॉडल की घोषणा की गई है। नई आयकर प्रणाली में टैक्स की दरों में कमी और वेतन भोगी करदाता को 52,500 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन की घोषणा की गई है। आयकर अपीलों के जल्दी निस्तारण के लिए वन-नई ज्वाइंट कमिश्नर नियुक्त करने की घोषणा की गई है। –आयुष वार्ष्णेय, सीए
महिलाओं में बचत के प्रोत्साहन के लिए दो लाख वाली नई बचत योजना जिस पर की 7.30 प्रतिशत ब्याज वाली शानदार योजना की घोषणा की गई है। वरिष्ठ नागरिक के लिए वरिष्ठ नागरिक योजना जिसकी सीमा 15 लाख रुपये थी, उसे बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया, वह बहुत ही अच्छा कदम है। घरेलू मोबाइल फोन उद्योग में और तीव्र विकास लाने के लिए उसमें उपयोग किए जाने वाले कुछ सामानों की कस्टम ड्यूटी में कटौती सराहनीय कदम है। –सौम्या गुप्ता, सीए
कोई भी छोटी या बड़ी इकाई बिना ऋण के चला पाना संभव नहीं है। केंद्र सरकार ने बजट में ब्याज दर में छूट का जो प्रावधान किया है। वह छोटी एमएसएमई के लिए बेहद ही लाभकारी होगा। इससे कारोबार बढ़ेगा। अलीगढ़ के पैतृक उद्योग को निश्चित तौर पर इससे लाभ मिलेगा।-बीरेंद्र सिंह, उपायुक्त उद्योग
आर्थिक रूप से कमजोर पड़े छोटे उद्योगों को 9 हजार करोड़ का बजट संजीवनी देगा और प्रधानमंत्री कौशल विकास मिशन 4.0 भी इस उद्योग के लिए राहत भरी खबर है। मगर सरकार से हमारी मांग यह भी है कि ये जो दो घोषणाएं की गई हैं, उनका असर धरातल पर दिखना चाहिए।-गौरव मित्तल, प्रदेश संयुक्त महामंत्री लघु उद्योग भारती
इस बार बजट काफी संतुलित और आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने वाला है। मध्यमवर्गीय, वेतनभोगी करदाताओं के लिए ये शानदार है, जबकि आयकर की नई प्रणाली प्रोत्साहन देने वाली है। हां, आयकर बचाने के उद्देश्य पर बचत वाली निवेश योजनाओं के लिए बजट निराशाजनक है। –विजय कुमार सीए, पूर्व अध्यक्ष सीए एसोसिएशन
बजट बेहद लोककल्याण कारी है। इसे सभी वर्ग का ध्यान रखकर बनाया गया है। आयकर में रियायत से हर वर्ग और सभी कर्मचारी-नौकरीपेशा वर्ग बेहद खुश है। इसके लिए सरकार व वित्त मंत्री बधाई की पात्र हैं। मैं जनपदवासियों की ओर से उन्हें बधाई देता हूं।-ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष-एमएलसी भाजपा
बजट आम लोगों के लिहाज से बेहद निराशाजनक है। किसी पक्ष का कोई ध्यान नहीं रखा गया है। बस कुछ लोगों का विशेष ध्यान रखकर बजट पेश किया गया है। महंगाई, बेरोजगारी, खेती-किसानी, आम आदमी को दरकिनार कर बजट चंद लोगों के लिए आया है। –गिरीश यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सपा
बजट में किसानों की अनदेखी की गई है। आमदनी दोगुनी करने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं है। बेरोजगारी कम करने का कोई बड़ा उपाय नहीं किया गया है। मनरेगा के बजट को कम किया गया है। अग्निवीर योजना के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं है। नए टैक्स स्लैब में कोई बड़ी राहतनिहीं मिली है। छात्र, किसान, मजदूर, महिलाओं को नजरअंदाज किया गया है। धन्नासेठों को लाभ पहुंचाया गया है। बजट जनहित में नहीं है। –संतोष कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
यह बजट अडानी बचाओ बजट है। किसान, जवान, नौजवान का बजट अमृत काल में तरसा है। आम जनता के लिए बजट में कुछ नहीं है। –सतीश शर्मा, जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी
यह बजट केवल एक छलावा का बजट है। किसानों, जवानों और नौजवानों के लिए बजट में केवल एक झुनझुना है। वित्तमंत्री ने रेत का महल बनाया है। –कालीचरण, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, रालोद
बजट में केवल एक सपना दिखाया गया है। इससे न तो किसानों, नौजवानों का भला होने वाला है और न ही उपेक्षित समाज को लाभ पहुंचेगा। –मुकेश चंद्रा, जिलाध्यक्ष, बसपा
शेयर बाजार के लिए मील का पत्थर साबित होगा बजटबजट शेयर बाजार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आज की गिरावट सिर्फ एक मुनाफा वसूली थी। आने वाले समय में बाजार में तेजी होगी।-संजय माहेश्वरी, शेयर ब्रोकर
आज के बजट के बाद शेयर बाजार में जो डर था, वह कुछ हद तक कम हुआ है। आज की गिरावट में निवेशकों ने ब्लू चिप शेयर में खरीद की है।-दीपक राठी, शेयर ब्रोकर
सरकारी और प्रावइेट बैंक के शेयर्स में आने वाले समय में तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों का भरोसा लौटा है।-अभिषेक गुप्ता, शेयर ब्रोकर
मैंने कुछ दिन पहले एनटीपीसी के शेयर्स लिए थे जो आज अच्छे मुनाफे में बेच दिए हैं। आज पीएनबी के शेयर में निवेश किया है।-पीसीएल श्रीवास्तव, निवेशक
रीयल स्टेट कारोबार को लगेंगे चार चांद
एक तरफ स्मार्ट सिटी के बजट से शहर स्मार्ट होंगे। दूसरा पीएम आवास योजना के बजट में 66 फीसदी की बढ़ोत्तरी से अफोर्डेबिल हाउसिंग में लाभ का दायरा व संख्या बढ़ेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय आवासीय बैंक से ऋण की सहूलियत से विकास होंगे। इससे रीयल स्टेट कारोबार में चार चांद लगने के संकेत हैं। आने वाला समय रीयल स्टेट कारोबार के लिए लाभकारी होने वाला है। –प्रवीन मंगला, सीएमडी, ओजोन सिटी
आयकर में छूट का दायरा बढ़ाकर सात लाख रुपये करने से आम आदमी लाभान्वित होगा। इसका सीधा सीधा असर उसकी आय पर दिखेगा। जब आदमी रुपये बचाता है तो अपनी जरूरी वस्तुएं खरीदने पर लगाता है। इसमें घर बनाना एक महत्वपूर्ण जरूरत है। इस बजट का सीधा सीधा फायदा रीयल स्टेट कारोबार को मिलने वाला है।-सुमित सराफ, निदेशक शेखर सराफ ग्रुप
शिक्षकों के बोल बजट में छात्र और युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों का पिटारा खोला होता तो बहुत अच्छा होता। युवाओं को रोजगार के नाम पर सरकार को इस बजट में ध्यान देना चाहिए था। युवा उम्मीद भरी नजरों से इस बजट को देख रहा था। मध्यम वर्ग के लिए भी बेहतर काम करने का प्रयास किया गया होता। कुछ क्षेत्रों में बजट में अच्छी बात है। कुछ खराब तो कुछ अच्छी बातें हैं। आशा के अनुरूप का आज का बजट उम्मीदों को धूमिल करता है। –डीआर यादव, निदेशक, प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी
संसद में पेश किए गए बजट में आयकर सीमा बढ़ाया जाना बहुप्रतीक्षित कदम है। इससे मध्यम आय वर्ग को राहत मिलेगी। कौशल विकास पर फोकस करने से स्वरोजगार की दिशा में रुझान बढ़ेगा।-डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, शिक्षक
बजट मिलाजुला है। राहत की बात यह है कि आम नागरिकों को बहुत दिक्कत बाला बजट नहीं है। –श्वेता भारद्वाज, शिक्षिका
वास्तव में यह अमृत बजट है। इस वर्ष राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से छात्र-छात्राओं को बहुत अधिक लाभ होगा। –प्रो. नीता वार्ष्णेय, कोआर्डिनेटर, राज्य विवि अलीगढ़।
बजट में डिजिटल लाइब्रेरी पर जोर दिया गया है। यह अच्छी खबर है। मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज का खुलना अच्छा है। –डॉ. सरवर साजिद, एसो. प्रोफेसर, वीमेंस कॉलेज, अमुवि
डिजिटल लाइब्रेरी से कागज की बचत होगी। बच्चे तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगे। यह बजट में अच्छी बात है। –डॉ. मोहम्मद फिरोज, एसो. प्रोफेसर, वीमेंस कॉलेज, अमुवि
बजट केवल उद्योगपतियों और सरकारी कर्मचारियों के हिसाब से बनाया गया है। गरीब, किसान, मजदूरों की चिंता नहीं है।-नीरज शर्मा, प्रदेश महामंत्री, उप्र माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा
सरकार ने बजट में बेरोजगारों के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। यह बजट केवल अमीर और व्यापारियों के लिए है। –तनु प्रिया, शिक्षिका, महेशचंद डिमांड इंटर कॉलेज कोटा
बजट में शिक्षकों के हित की बात कोई नहीं है। सरकार को निजी शिक्षकों के बारे में भी सोचना चाहिए था। -किशन कुमार, शिक्षक
सरकार द्वारा पेश किया गया बजट केवल छलावा है। इससे केवल व्यापारी और उच्च लोगों को फायदा मिलेगा। -अली आजाद, शिक्षक
पर्यटन स्थलों का विकास करके उन स्थलों का दर्शन कराने के लिए लालच दिया गया है। गरीब के साथ पक्षपात हुआ है। -डॉ. रक्षपाल सिंह, शिक्षाविद्
यह बजट गांव, गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं समेत समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है।-आमिर रशीद, भाजपा नेता, क्षेत्रीय मंत्री, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा
जिस तरह बजट में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की बात कही गई है, वह सराहनीय है। –सुबहाना वहीद, एबीके स्कूल, अमुवि
डिजिटल लाइब्रेरी का बजट में जिक्र किया गया है, यह भी अच्छी बात है। तकनीकी रूप से दक्षता मिलेगी।-चाहत चौहान, एबीके स्कूल, अमुवि
विशेषज्ञों के बयान वित्तमंत्री सीतारमण द्वारा बजट में की गई घोषणाओं में मध्यम वर्गीय वर्ग को विशेष राहत दी गई है। सरकार ने व्यक्तिगत आयकर स्लैब में बदलाव करके इस वर्ग को सशक्त बनाया है। बजट में समग्र विकास, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रस्ताव किया गया है। महिलाओं को सशक्त करने के लिए महिला बचत सम्मान पत्र जारी किए जाएंगे, जिनमें 7.5 प्रतिशत ब्याज दर का प्रावधान किया गया है। ये बड़ी राहत है। बजट में हरेक वर्ग का ध्यान रखा गया है। बजट आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
–डॉ. तनु वार्ष्णेय, एसो. प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, एसवी कॉलेज
आम बजट में मध्यम वर्ग को कई वर्ष बाद राहत मिली है। आयकर में बड़ी छूट, अब सात लाख तक कोई आयकर नहीं लगेगा, जबकि पहले करीब 33000 होता था। सीनियर नागरिक को बुजुर्ग बचत योजना में 15 लाख से 30 लाख तक निवेश करने की सीमा की , रिटायरमेंट पर मिलने वाली छुट्टी नगदीकरण की सीमा 3 लाख से 25 लाख की। बजट में कैपिटल व्यय बढ़ाने से नई नौकरियां का जॉब पैदा होंगे। कुल मिलाकर बजट विकास को बढ़ावा देने वाला है। –संजीव गुप्ता, सीए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत अमृत काल के इस पहली और उनके कार्यकाल के पांचवें बजट में पहले की ही तरह कुछ उत्साहवर्धक प्रयास किए गए हैं। आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल आदिवासी शिक्षा को बढ़ाने हेतु एक सराहनीय में प्रयास है। मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन देने के लिए आयातित वस्तुओं पर प्रशुल्क बढ़ाने की नीति आत्मनिर्भर भारत की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। आयकर की सीमा पांच लाख से सात लाख रुपये कर दिया गया है। टैक्स की 6 स्लैब में 5 ही स्लैब को रखा गया है।
–डॉ. रुख्साना बेगम, एसो. प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, डीएस कॉलेज
गृहिणी के बोल सरकार को बजट में महंगाई का ध्यान रखना चाहिए था। बजट में रसोईघर के बारे में कोई ध्यान नहीं दिया गया है। निराश हैं।-खुशी शर्मा, गृहिणी
बजट बहुत अच्छा है। आयकर की सीमा बढ़ा दी गई है। यह आम लोगों के लिए राहत की बात है।-सुनीता शर्मा, गृहिणी
व्यापारी बोलबजट आने का मतलब महंगाई होती है, लेकिन इस बजट में बहुत ज्यादा असर आम लोगों पर नहीं है। बजट अच्छा है।-बांके बिहारी लाल, व्यापारी
बजट संतुलित है। इसमें हर वर्ग के लोगों का ख्याल रखा गया है। सरकार ने 2024 के चुनाव के लिए बजट पेश किया है।-अजय शर्मा, समाजसेवी
बजट में खर्चे से ज्यादा आमदनी होनी चाहिए, जो हो नहीं पा रही है, टैक्स देने वाले को हजार, 1200 प्रति माह की छूट से कोई फर्क नहीं पड़ता है।-प्रदीप के गुप्ता, समाजसेवी
मेक इन इंडिया से उद्योग लाभान्वित होगा
कारोबार के जानकार बताते हैं कि जिस तरह से लगातार बजट में मेक इन इंडिया पर जोर दिया जा रहा है। इससे आने वाले समय में जिले में स्थापित होने जा रहे डिफेंस कॉरिडोर सहित अन्य तमाम स्थानीय उद्योगों को लाभ होगा। पहले से ही उत्पादन के क्षेत्र में काम कर रहे अलीगढ़ को इससे और अधिक ऊर्जा मिलेगी। अगर उत्पादन के क्षेत्र में जिला आगे बढ़ता रहा तो रोजगार की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।






