
उत्तराखण्ड में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज पांचवां दिन और अधिक उग्र रूप में जारी रही। हड़ताल के चलते आवश्यक सेवाओं को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश निर्माण एवं विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे आम जनता भी प्रभावित होने लगी है।
गौरतलब है कि 23 मार्च 2026 को शासन स्तर पर हुई वार्ता पूर्णतः विफल रही, जिसके बाद इंजीनियरों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। शासन की उदासीनता के खिलाफ इंजीनियरों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

IRI परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन में पांचवे दिन बड़ी संख्या में इंजीनियरों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ई 0 अनुज सैनी जी जनपद अध्यक्ष हरिद्वार तथा संचालन शाखा अध्यक्ष श्री विपिन सैनी द्वारा किया गया। तथा हड़ताल की समीक्षा हेतु ई 0 छबील दास सैनी प्रांतीय अध्यक्ष लो0 नि0 वि0 द्वारा अपने संबोधन में हड़ताल को प्रभावी रूप से चलने हेतु सभी सदस्यों को निर्देशित किया गया
⚠️ सरकार को खुली चेतावनी
हड़ताली इंजीनियरों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि 27 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।
साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि आने वाले दिनों में आवश्यक सेवाओं में कार्यरत इंजीनियर भी कार्य बहिष्कार करेंगे, जिससे प्रदेश की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा सकती हैं।धरना कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं द्वारा जोरदार नारों के साथ अपनी 27 सूत्रीय न्यायोचित मांगों के प्रति असंवेदनशील अधिकारियों पर जम कर अपनी भड़ास निकाली गई तथा उत्तराखंड शासन के अधिकारियों के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया गया
📌 मुख्य मांगें
• वर्षों से लंबित वेतन विसंगति का त्वरित समाधान
• 10, 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान लागू
• 2014 के बाद नियुक्त इंजीनियरों को 5400 ग्रेड पे का लाभ
• 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल
• पेयजल एवं जल संस्थान का एकीकरण व राजकीयकरण
• उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए समानांतर कैडर का गठन
• बाहरी एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे कार्यों पर रोक
👥 व्यापक समर्थन
इस आंदोलन में लोक निर्माण, सिंचाई, कृषि, शहरी विकास, ग्रामीण विकास एवं लघु सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पांचवे दिन जनपद सचिव श्री अमर सिंह, श्री मुकेश कुमार जी , श्री अनिल सैनी जी , श्री महक सिंह जी , श्री राहुल कुमार, श्री सुधीर कुमार , श्री वेदपाल सिंह पवार ,श्री अमित खटाना, श्रीमती स्वाति गुप्ता, ई 0 सपना एवं विभिन घटक संघों के पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा प्रतिभाग करते हुए कई इंजीनियरों ने अपने विचार रखते हुए आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया।
🔥 निष्कर्ष:,
अगर समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन प्रदेश के विकास कार्यों को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है।






