
रूड़की। रुड़की निवासी 33 वर्षीय धन प्रकाश भारतीय सेना में तैनात थे और वर्तमान में बंगाल बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। वह दो दिन पहले ही छुट्टी पर अपने घर आए थे। रविवार को वह किसी जरूरी काम से अपनी बाइक से भगवानपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान देहरादून हाईवे पर एक रोडवेज बस ने उनकी बाइक को साइड मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जुट गई। घायल अवस्था में ही धन प्रकाश ने अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें उपचार के लिए रुड़की स्थित गौशाला के समीप जगन्नाथ अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में उपचार के दौरान धन प्रकाश की मौत हो गई। जवान की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
मृतक के भाई गौतम ने आरोप लगाया कि धन प्रकाश के कूल्हे में फ्रैक्चर था और उन्हें हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, दलित नेता योगेश कुमार ने भी अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए उसे सील करने की मांग उठाई। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलते ही गंगनहर कोतवाली प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।






