
रुड़की। आर्य समाज का स्थापना दिवस आर्य समाज रामनगर में आचार्य बिहारी लाल द्वारा हवन कर मनाया गया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल वर्ष प्रतिपदा विक्रमी सवत् 1932 मे स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा प्रथम आर्यसमाज मुम्बई में स्थापना की गयी तथा अपने कर कमलो द्वारा लाहौर ,बीटी गंज रूडकी एवं बुढाना गेट मेरठ स्थित आर्यसमाज की स्थापना की गयी। उन्होंने कहा कि आर्यसमाज मानव कल्याण के लिए क्रान्ति है। दयानंद सरस्वती द्वारा प्रथम बार स्वराज का नारा दिया गया स्वतन्त्रता आन्दोलन मे स्वामी श्रद्धानन्द ,गुरुदत्त विद्यार्थी, श्यामवर्मा, प .लेखराज ,हंसराज ,स्वामी स्वतन्त्रतानन्द ,नारायण स्वामी ,महाशय राजपाल, आर्यसमाजीयो का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि आज से एक अरब छ्यानवे करोड आठ लाख बावन हजार नौ सौ छयत्तर वर्ष पूर्व सूर्योदय के समय सृष्टि की उत्पत्ति हुई इस पवित्र दिन की महत्ता मर्यादा पुरुषोत्त श्रीराम, धर्मराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक तथा गुरु अंगददेव ,चेटीचन्द डां केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म दिवस भी इसी दिन हुआ। कार्यक्रम में रामेश्वर, प्रणव, केपी सिंह, ऋषिपाल, हरपाल ,सुधीर जगतसिंह ,अनीता ,आनंद, मदनपाल ,पूजा ,विवेक, सहदेव, त्रिवेन्द्र ,अरबिद, नेमवती, प्रज्जवल, उज्जवल, यशवंत, सतीश आर्य उपस्थित रहे।






