
दिनांक 16 मार्च 2026 को दि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), रुड़की लोकल, सेंटर, आई. आई. आई. टी. परिसर, रुड़की में आयोजित कार्यक्रम में सेंटर के अध्यक्ष श्री अखिलेश वर्मा द्वारा सभी कॉर्पोरेट सदस्य और विशेषज्ञ, दर्शकों का स्वागत कर बताया गया कि *विश्व इंजीनियरिंग दिवस* के अवसर पर उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अनुसंधान, नवाचार और प्रायोगिक प्रशिक्षण के माध्यम से ही भविष्य के इंजीनियरों को वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है।
इस अवसर पर इंडोप्लैनेटएक्स स्पेस वॉल्ट एंड रिसर्च प्रा. लि. (ISVRx) के सीईओ एवं संस्थापक श्री अंकित कुमार ने “ड्रोन और रॉकेट तकनीक में उद्योग-केंद्रित आवश्यकताएँ: एक आई ओपनर” विषय पर व्याख्यान दिया।

अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि आज एयरोस्पेस, ड्रोन और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं और पारंपरिक इंजीनियरिंग शिक्षा के बीच अभी भी एक बड़ा अंतर मौजूद है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक उद्योगों को ऐसे इंजीनियरों की आवश्यकता है जिनके पास केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि सिस्टम इंटीग्रेशन, एवियोनिक्स, प्रोपल्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों की व्यावहारिक समझ भी हो।
व्याख्यान के दौरान स्वायत्त ड्रोन, LiDAR आधारित मैपिंग, हाइड्रोजन फ्यूल सेल संचालित यूएवी तथा सेमी-क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन जैसी उभरती तकनीकों पर भी प्रकाश डाला गया।
इस कार्यक्रम में इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजिनियर्स इंडिया के कार्यकारी सदस्य, सी.बी.आर.आई. के फैकल्टी, स्टाफ, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की के वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।
अंत में केन्द्र के मानद सचिव डाॅ. सोजू द्वारा सभी श्रोताओं को धन्यवाद अर्पित किया गया।






