
रुड़की में आयोजित प्रथम जिला स्तरीय पिट्टू प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक खेलों से जोड़ना और उनमें खेल भावना का विकास करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि ही नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल युवाओं में अनुशासन, समर्पण, धैर्य और टीम भावना का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों का होना बेहद जरूरी है। इससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खेलों से जुड़ती है, साथ ही खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें नई प्रेरणा भी मिलती है।
प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और खेल के प्रति अपनी लगन व प्रतिभा का परिचय दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान खेल प्रेमियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
अंत में मुख्य अतिथि ने सभी खिलाड़ियों, कोचों और आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी तथा सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहेंगी, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता रहेगा।






