
रुड़की। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई।

इस अवसर पर रुड़की तहसील के प्रथम राज्य आंदोलनकारी एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस सरकार का गठन राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, बलिदान और समर्थन से हुआ, वही सरकार आज आंदोलनकारियों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलनकारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे आंदोलनकारियों में रोष व्याप्त है।

समिति की केंद्रीय कोषाध्यक्ष वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी कमला बमोला ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने अपना खून-पसीना बहाकर उत्तराखंड राज्य की स्थापना के लिए संघर्ष किया और सरकार को सत्ता तक पहुंचाया, लेकिन आज वही सरकार आंदोलनकारियों की अनदेखी कर रही है, जो किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया तो सभी राज्य आंदोलनकारी “सरकार भगाओ, उत्तराखंड बचाओ” अभियान शुरू करने को मजबूर होंगे।इस दौरान आंदोलनकारियों ने ढंडेरा फाटक नंबर-512 पर वर्ष 2013 फरवरी में स्वीकृत ओवर फ्लाई ब्रिज का निर्माण अब तक न होने पर भी नाराजगी जताई। इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री, महाप्रबंधक उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस नई दिल्ली, निदेशक रेलवे बोर्ड उत्तर रेलवे नई दिल्ली तथा मंडलीय प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल को संबोधित ज्ञापन भेजकर फाटक संख्या 512 पर शीघ्र ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई।
इस मौके पर यशोदा बलूनी, रामेश्वरी पंत, नीमा किरोला, बासुदेव पंत, गायत्री पंत, विमला देवरानी, रामेश्वरी खंतवाल, सुरमा रावत, सरोजनी बड़थ्वाल, सीता बड़थ्वाल, बसंती नेगी, भागुली, मालदे करासी, प्रदीप बुढाकोटी, बसंत जोशी, विनोद भट्ट, शिवानंद नौटियाल, सत्यभामा जुगरान, शर्मिला कंडारी, शकुंतला सती, सीतांबरी नेगी सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी उपस्थित रहे।








