हादसों को रोकने के लिए गंग नहर पर हुए सुरक्षा के इंतजाम

रुड़की। गंग नहर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को रोकने के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग की ओर से नहर के पुलों और घाटों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं, वहीं नहर की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देते हुए सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा रुड़की शहर के नहर पुलों पर करीब दस स्थानों पर लंबी लोहे की सांकल (चेन) लगाई गई है, ताकि अनियंत्रित आवाजाही पर रोक लगाई जा सके और किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। इसके साथ ही नहर के घाटों पर दीवार और गेट लगाए गए हैं। इन गेटों की व्यवस्था इस प्रकार की गई है कि एक समय में केवल एक व्यक्ति ही घाट पर प्रवेश कर सके।

विभाग के अनुसार पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ युवक घाटों और पुलों के आसपास बाइक से स्टंट करते हैं, जिससे नहर में गिरने का खतरा बना रहता है और हादसे की आशंका बढ़ जाती है। उत्तराखंड गंग नहर के अवर अभियंता विष्णु दत्त धीमान ने बताया कि यह कार्य रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के दिशा-निर्देश और आदेश के अनुसार कराया गया है। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।

इधर, सिंचाई विभाग ने गंगा नहर से संबंधित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को रोकने के लिए भी सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से क्षेत्र में सूचना बोर्ड लगाकर स्पष्ट किया गया है कि यह भूमि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की सरकारी संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अनाधिकृत कब्जा या निर्माण दंडनीय अपराध माना जाएगा।

सूचना में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति नहर की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कैनाल एक्ट 1873 की धारा 70 तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि गंगा नहर से जुड़ी सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें तथा घाटों और पुलों के आसपास सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

Samarth Bharat news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Samarth Bharat news