
हरिद्वार, 26 फरवरी 2026।

तीर्थ नगरी हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर रोपवे पर आज व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), फायर सर्विस, आर्मी व अन्य राहत एवं बचाव दलों ने संयुक्त रूप से प्रतिभाग किया।

हरिद्वार में मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर के दो प्रमुख रोपवे संचालित हैं, जिनसे प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार के तकनीकी, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिक फॉल्ट की स्थिति में त्वरित और समन्वित राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे में काल्पनिक खराबी की स्थिति बनाकर राहत दलों ने यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। बचाव कार्य के दौरान टीमों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को परखा गया।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में घबराहट से बचते हुए सुनियोजित और टीम भावना के साथ कार्य करना है। साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करना भी इस ड्रिल का अहम हिस्सा रहा।
ड्रिल के समापन पर वरिष्ठ अधिकारियों ने SDRF सहित सभी दलों के कार्य की सराहना की और कहा कि तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी इसी प्रकार के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।





























