
रुड़की।कल से रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है।हालांकि सऊदी अरब में रमजान का कल चांद नजर आने से वहां आज पहला रोजा है और आज भारत में भी चांद के दीदार होते ही रमजान की पहली तरावीह (विशेष नमाज) अदा की जाएगी।इस्लाम धर्म में सबसे पवित्र महीना माना जाने वाला रमजान का महीना शुरू होते ही सुबह से शाम तक खाली पेट रहकर रोजा रखने की परंपरा की शुरुआत होती है।दुनिया के हर महान धर्म में किसी न किसी रूप में उपवास या रोजा रखने की परंपरा मिलती है,चाहे वह हिंदू धर्म का व्रत हो,ईसाई धर्म का लेंट हो या बौद्ध धर्म की तपस्या।इंसान जब कुछ समय के लिए खान-पान से रुकता है तो शरीर को आराम मिलता है।मन हल्का होता है और आदतें सुधरने लगती है।रमजान इसी बदलाव को अपनाने का सबसे अच्छा मौका है।यह महीना हमें सिखाता है कि हम कैसे अपनी जिंदगी में अच्छे काम,अच्छी आदतें और बेहतर सोच ला सकते हैं,चाहे वह खाने पीने की आदतें हो या दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार।रोजा अपने आप में सेहत के लिए फायदेमंद है,लेकिन अगर हम कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें,तो यह फायदा और भी बढ़ जाता है,जैसे कि रोज के दौरान जिसमें पानी की कमी जल्दी हो जाती है,इसलिए इफ्तार से लेकर सहरी तक खूब पानी पिएं।नींबू पानी,नारियल पानी या सादा पानी जो भी मिले लेते रहे।कोल्ड ड्रिंक और बहुत मीठे जूस से बचें।इफ्तार हल्का और सेहतमंद रखें।इफ्तार में पेट पर जोर डालने की जरूरत नहीं होती।कोशिश करें कि खजूर या पानी से ही इफ्तार करें।फल,सलाद,दही और हल्का खाना लें।तले हुए पकवान कम खाएं।सहरी में ऐसा खाना खाएं जो देर तक जिस्म को ताकत दे,जैसे दलिया,सेवइयां,दही,फल आदि।बहुत नमकीन चीजों से बचें,क्योंकि इससे ज्यादा प्यास लगती है।रमजान में बाजार की तली-भुनी चीजें खाने का मन करता है,किन्तु कोशिश करें कि घर का बना खाना खाएं।तेल और मसाले कब रखें और ज्यादा मीठा ना खाएं,जो लोग किसी बीमारी की वजह से रोज दवाई लेते हैं,जैसे शुगर,ब्लड प्रेशर,दिल की बीमारी,अस्थमा या कोई और लंबा चलने वाला इलाज उन्हें रोजा रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।हर दवा का असर अलग होता है और आपके डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं,कि दवा का समय कैसे बदला जाए।कौन सी दवा रोजे में सुरक्षित है और किस से परहेज करना चाहिए।रमजान का महीना अच्छी आदतें अपनाने का सुनहरा मौका होता है।रमजान सिर्फ भूख,प्यास रोकने का नाम नहीं है,बल्कि यह हमें सब्र,दूसरों की मदद करना,बुरी आदतों से दूरी बनाना और अच्छी आदतों को अपनाना सीखाता है।अगर हम चाहे तो यह महीना हमारी पूरी जिंदगी को बदल सकता है।






























