
हरिद्वार। भारत माता मंदिर परिसर में श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का आयोजन किया गया। पद्मभूषण से सम्मानित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज की स्मृति में किया जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी को नमन करते हुए कहा कि स्वामी जी का चिंतन वेदांत की गहराई से निकला था। भारत माता मंदिर राष्ट्र चेतना का तीर्थ है। यहां भारत भूमि की भी पूजा होती है।
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद ने एक छोटे परिवार में जन्म लेने के बाद भी राष्ट्र निर्माण में जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है। कार्यक्रम में समेत देश के कई बड़े राजनीतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक चेहरे शिरकत कर रहे हैं। राष्ट्रगान के बाद दीप प्रज्वलन करते हुए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और मुख्य आयोजक आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का शुभारंभ किया।कार्यक्रम में रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जी महाराज का जीवन आध्यात्म, राष्ट्रसेवा और मानव कल्याण को समर्पित रहा है। उनके समाधि स्थल पर श्रीविग्रह स्थापना से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी।

इस दौरान पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं भारत माता मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद गिरी और महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी भी मंच पर उपस्थित रहे। तीन दिवसीय समारोह के दौरान महेश पुरी, भूपेंद्र कौशिक, महामंडलेश्वर नैसर्गिता गिरी और अखिलेश्वानंद भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।






