
रुड़की।वरिष्ठ पत्रकार राव शाहनवाज खां के निधन के बाद नम आँखों से खिराज-ए-अकीदत पेश करने के लिए एक सभा का आयोजन किया गया।मरहूम वरिष्ठ पत्रकार राव शाहनवाज खां की कलम जो सच लिखती थी,कभी न झुकी।वे केवल पत्रकार नहीं,हक और इंसाफ़ की जंग का एक निर्भीक योद्धा थे।उनके चाहने वालों का प्रेम आज भी उनकी आंखों से बहते हुए आंसुओं से दिखाई दे रहा है,क्योंकि वरिष्ठ पत्रकार राव शाहनवाज खां हमेशा इन्सानियत का पैगाम देते हुए सभी के साथ स्वाभाविक व्यवहार रखा करते थे।राव शाहनवाज खां नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे।पत्रकारिता जगत की माहरथ रखने वाले मरहूम वरिष्ठ पत्रकार राव शाहनवाज खां अधिकारियों की आंखों में आंखें डालकर सवाल करने का जज्बा रखा करते थे।वो हमेशा बोला करते थे,जब तुम्हारे पास किसी खबर के सारे तथ्य हो,तो फिर संबंधित अधिकारी से उनके बयान का कोई मतलब नहीं बनता।राव शाहनवाज खां साफ तौर पर कहा करते थे,कि पत्रकारों को हमेशा चारों तरफ बारीकी से नजर रखनी चाहिए और जो कह दिया उस पर अटल रहना चाहिए।रुड़की में हुई

सभा के दौरान राव शाहनवाज खां के साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुभाष सैनी,तपन सुशील,संदीप तोमर समेत अन्य वक्ताओं की आवाज भर्रा गई।वक्ताओं ने कहा कि वे केवल पत्रकार नहीं,बल्कि सच की लड़ाई लड़ने वाले एक निर्भीक योद्धा थे।कानून की गहरी समझ रखने वाले राव शाहनवाज खां अपनी कलम के जरिए अन्याय के खिलाफ हमेशा डटे रहे।उनकी लेखनी कई बार भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों के लिए आईना बन जाती थी।कलियर से उनका विशेष लगाव रहा।वहां की मिट्टी,वहां के लोग और उनकी समस्याएं उनके दिल के बेहद करीब थी।वे आखिरी सांस तक आम आदमी की आवाज बने रहे।पत्रकारिता को उन्होंने महज पेशा नहीं,बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी समझा।श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित पत्रकारों ने कहा कि राव शाहनवाज खां का जाना सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं,बल्कि उस दौर का अंत है,जहां पत्रकार बेखौफ होकर सच लिखा करते थे।इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार तथा गणमान्य ने लोग मौजूद रहे।





























