
रुड़की। पृथ्वीराज चौहान क्षत्रीय विकास महासभा उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक महासभा के अध्यक्ष यशवंत सिंह चौहान के आवास पर रामनगर, रुड़की में आयोजित की गई। बैठक में यूजीसी, एससी/एसटी एक्ट और जातिगत आरक्षण से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग और वर्तमान आरक्षण व्यवस्था पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से द्वेषपूर्ण कानूनों को समाप्त करने की पुरजोर मांग की। महासभा अध्यक्ष यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा कानूनों का दुरुपयोग कर सवर्ण समाज के होनहार और प्रतिभाशाली युवाओं को झूठे मामलों में फंसाकर ब्लैकमेल किया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हो रहा है।अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान जब अपने खेतों की रक्षा करता है तो उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर उसे जेल भिजवा दिया जाता है। न तो ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होती है और न ही झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि देश में बीते 70 वर्षों से लागू जातिगत आरक्षण का लाभ कुछ सीमित वर्गों तक ही सिमट कर रह गया है, जबकि गरीब वर्ग के बच्चों को इसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। महासभा ने मांग की कि या तो वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को समाप्त किया जाए अथवा सभी जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए समान आरक्षण की नई व्यवस्था लागू की जाए।

युवा अध्यक्ष नितिन चौहान ने कहा कि मोदी सरकार से इस तरह की सोच की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को सवर्ण समाज के समर्थन से मजबूती मिली, वही सरकार अब उसी समाज की उपेक्षा कर रही है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोग हमारे भाई हैं और राजनीतिक दलों द्वारा समाज को आपस में लड़ाने का प्रयास निंदनीय है। बैठक में उपाध्यक्ष अरविंद राजपूत, ठाकुर मूला सिंह, कृष्णपाल सिंह चौहान, ब्रिजेंद्र सिंह चौहान, गोपाल सिंह चौहान, बी.आर. चौहान, रामपाल सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह चौहान, श्रवण सिंह चौहान, ब्रह्मपाल सिंह, राजकुमार सिंह चौहान, नवनीत कुमार चौहान सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।




























