
रुड़की। जन मंच जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनो जिनमें भाजपा व कांग्रेस से लेकर सभी संगठनों ने एकजुट होकर वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा विश्व विद्यालयों में यूजीसी को लागू कर सवर्ण छात्रों शिक्षकों, शैक्षणिक कर्मचारियों को एक ऐसी फांसी पर चढ़ाने का कार्य किया है। यह कहना है एक सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनो से जुड़े व्यक्ति हर्ष प्रकाश काला का। एक युवा भाजपा नेता जिसकी उम्र केवल 25वर्ष है धन्नजय शुक्ला ने कहा कि हमें नहीं पता कि हम जिस राजनीतिक दल को सत्ता सौंप रहे हैं,वहीं हमारा गला दबाकर हमारी जवानी खत्म कर रही है। यूजीसी से आहत होकर मैंने भाजपा के पद और सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। अगर ऐसे निरंकुश शासक को हम सत्ता पर बिठायेंगे तो हम से ज्यादा दोषी कोई नहीं है। धन्नजय शुक्ला ने साफ शब्दों में कहा हमें एवं हमारी आगे की पीढ़ी को सोचना पड़ेगा क्या हम ऐसे लोगों का साथ दें, जो हमारे ऊपर ही अत्याचार करें। धन्नजय शुक्ला ने बहुत ही विस्तृत रूप से यूजीसी की बारिकियों एवं इससे सवर्णों पर होने वाले घातक परिणाम पर चर्चा की। भाजपा पूर्व मण्डल अध्यक्ष रवि राणा ने सरकार से अविलम्ब यूजीसी को वापस लेने की मांग की।इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी राजेन्द्र सिंह रावत, जिवानन्द बुडाकोटी, पार्वती रावत, मालदे करासी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, कुंवर सिंह डंगवाल, शनेश्वर सिंह, मालती नेगी, पार्वती चिनवान प्रदीप रावत, गोविन्दी बोहरा, मंजू डवराल, लण्डौरा मण्डल महिला अध्यक्षा किरण सिंह, रेखा नेगी, उमा कठैत, भाजपा नेता एवं सभासद विजय सिंह पंवार, अनुसुया रौथाणा सुनीता कुमाई, गीता बिष्ट, विमला नेगी पूनम राणा, बीरा नेगी पूनम राणा, भागीरथी रौतेला, राजेन्द्र प्रकाश काला, किरण रावत, नीलम चौधरी, प्रिति नेगी, कनिका पुण्डीर सभासद दिनेश नेगी, दर्शनी पालीवाल, विनीता पटवाल, सुलोचना रावत, मौना चौधरी, अनीता देवी, सरोज बड़थ्वाल, सुनीता पंत, मातवर सिंह रावत, अजय राय एस एन तिवारी, सत्ते सिंह राणा, अजय सिंह, रवि सिंह, एस के राठौर, बी एन सिंह, अनिल शुक्ला, कृष्णा राय, जय कृष्ण कांति, भगत सिंह चौहान, अमित राणा, ताजवर सिंह रौथाण, योगम्बर सिंह रौथाण, मानिक बर्थवाल, शिवचरण बिंजौला, लाल विहारी अखिलेश्वर सिंह, आदि सैंकड़ों लोगों ने यूजीसी के विरोध में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया।




























