
सैनी समाज की और से मंगलवार को छोटे से शहर रादौर की एक बेटी खुशी पुत्री सुमित झांब अमेरिका से पायलेट का प्रशिक्षण लेकर क्षेत्र की पहली महिला पायलेट बन गई है। जिसके बाद खुशी दुनिया भर में जहाज चलाकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने जा रही है। इससे जहां रादौर क्षेत्र का नाम रोशन होगा, वहीं बेटियों को भी आगे बढऩे के लिए प्रेरणा मिलेगी। शहर की बेटी खुशी के पायलेट बनने से स्थानीय लोग फुले नहीं समा रहे है। खुशी के पायलेट बनने पर सैनी समाज रादौर प्रधान संदीप सैनी के नेतृत्व में उन्हें मेरी बेटी मेरा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया इस अवसर पर पायलेट खुशी ने बताया कि उनके पिता सुमित झांब निवासी शास्त्री कॉलोनी गुडगांव में एक निजी कंपनी में सीनियर मैनेजर है। जो गुडगांव में रहते है। उसने गुडगांव से 12वीं पास की है। जिसके बाद उसने पायलेट की ट्रेनिंग लेने के लिए फ्लोरेडा (अमेरिका) से डेढ वर्ष का प्रशिक्षण लिया है। जिसके

बाद उसके पास विभिन्न कंपनियों से जहाज उडाने के लिए पायलेट की नौकरी के ऑफर आ रहे है। वह भारत में ही अपनी सेवाएं देना चाहती है। प्रारंभिक तौर पर वह शुरू में डोमेस्टिक फ्लाइट चलाने का काम करेंगी। बाद में वह अंतराष्ट्रीय उड़ान चलाने काम करेंगी। उनकी इच्छा है कि वह एक दिन दुनिया की सबसे बेहतरीन एयरलाइंस एंमिरेटस को चलाना है। खुशी ने बताया कि दुनिया में कोई भी कार्य मुश्किल नहीं है। यदि कोई इंसान ठान ले कि उसने कोई कार्य पूरा करना है तो वह कार्य करना संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि बेटिया किसी भी क्षेत्र में बेटो से कम नहीं है। बेटियों को भी आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहन मिले तो बेटिया असंभव को भी संभव करके दिखा सकती है। उन्होंने बताया कि उनको जिम जाना, संगीत सुनना, नृत्य करना, बास्केटबॉल व फुटबॉल खेलना पसंद है।




























