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परमात्मा को समझने में मदद करता आध्यात्मिक ज्ञान: डॉ अर्चना विशेष शिविर में छात्राओं को व्यवहारिक जानकारियां प्रदान की गई श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुड़की के शिविर में साइबर क्राइम के प्रति भी सचेत किया गया

रुड़की। आज श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुड़की हरिद्वार उत्तराखंड में डॉ अर्चना चौहान के निर्देशन में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर के पांचवे दिन मे अनेकों गतिविधियों संचालित की गई। जिसमें योगाभ्यास से शुरुआत हुई। उसके बाद आश्रम ब्रह्माकुमारी कुमारी स्नेहा, कुमारी दीपा, कुमारी सपना, कुमारी दीपिका आई हुई बहनों ने छात्राओं को ज्ञान के साथ अध्यात्म ज्ञान से परिचय कराया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान एक ऐसा विषय है जो हमारे जीवन के उद्देश्य से आत्मज्ञान और परमात्मा के साथ संबंधों को समझने में मदद करता है। यह ज्ञान हमें अपने जीवन को सार्थक बनाने और आंतरिक शांति प्रदान करने के लिए प्रेरित करता है। डॉ अर्चना चौहान ने कहा कि अध्यात्म ज्ञान से हमें चार प्रकार के लाभ मिलते हैं, आंतरिक शांति,जीवन का उद्देश्य, नैतिक जीवन, आत्मज्ञान,जिसे छात्राओं को जीवन में उतारना चाहिए। इसके पश्चात बौद्धिक सत्र में मनीष उपाध्याय प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुड़की ने अपने संबोधन मे साइबर क्राइम को लेकर छात्राओं को जागरूक किया कि कैसे कोसों दूर बैठा व्यक्ति आपको ठग सकता है। इसके लिए भारत सरकार ने अपराधों को रोकने और उनका समाधान करने के लिए कदम उठाए। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र 14 सी की स्थापना की साइबर अपराधों के खिलाफ कानून सूचना तकनीकी अधिनियम 2000 एवं भारतीय दंड सहायता आईपीसी साइबर अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करने का आवाहन किया। जिसमें तुरंत कार्रवाई की जाएगी डॉ पियूष गर्ग डायरेक्टर जस्टिस नरेंद्र सिंह मेमोरियल लाइब्रेरी ने छात्राओं को आशीष वचन देते हुए कहा कि हमें शिविर के दौरान में अनुशासन के साथ रहना चाहिए। शिविर के दौरान संवयसेविकों को समाज के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी जाती है। उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया जाता है। उपाधि सिंघल अपर सिविल जज रुड़की ने छात्रों को संबोधित करते हुए कानूनी जानकारी के साथ-साथ कैरियर के प्रति प्रेरित किया और कहा कि पहले हमें अपने लक्ष्य को निर्धारित करना होगा कि हमें कंपटीशन में भाग लेना है या पारिवारिक भूमिका निभानी है। क्योंकि एक बार में हम दो नाव पर सवार नहीं हो सकते। एक बार में एक ही फोकस कर सकते हैं । क्योंकि कंपटीशन इस समय बहुत है। कविता पटवार विधिक सेवा प्राधिकरण ने छात्राओं को सतर्कता बरतनेके लिए जागरूक किया कि हमें किसी के प्रलोभन बचना चाहिए। क्योंकि छोटे से लालच से लड़कियां अपनी जिंदगी बर्बाद कर लेती है । उसके साथ ही डॉक्टर आनंद वर्मा ने एक्यूप्रेशर के बारे में छात्रों को समझाया कि किसी बिंदु के दबाने से कौन सी बीमारी को काम किया जा सकता है और उन्होंने महिलाओं को होने वाली बीमारियां जैसे कमर दर्द यूटीआई के बारे में जागरूक किया। इस तरह का जागरूक कार्यक्रम छात्राओं के लिए लाभकारी है। क्योंकि यही छात्राएं आगे चलकर अपने आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे।

SAMARTH DD NEWS

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