
रुड़की। जिला प्रशिक्षण संस्थान रुड़की में 19 जनवरी से प्रारंभ हुई कला संवर्धन शीर्षक पर चार दिवसीय कार्यशाला का आज समापन हुआ । जिसमें जनपद के कला शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया । मास्टर ट्रेनर वैष्णव कुमार के द्वारा जानकारी दी गई कि जनपद के कला शिक्षकों को विभिन्न कलाओं के साथ जोड़ने के लिए भारत सरकार के द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम संचालित होते रहते है । कार्यक्रम के पहले दिवस पर क्ले बनाने की विधि से अवगत करवाया गया। किस प्रकार क्ले को अधिक समय तक रखा जा सकता है । दूसरे सत्र में कला शिक्षकों द्वारा संबंधित माह से संबंधित सुंदर एवं प्रेरणादायक कलाकृतिया बनाकर कलात्मक कैलेंडर का स्वरूप दिया गया दूसरे दिवस पर मिट्टी से बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के बर्तनों की कला मोती कुमार एवं सोम कुमार के द्वारा प्रशिक्षित किया गया एवं शिक्षकों द्वारा भी इलेक्ट्रिक चाक पर बर्तन बनाकर देखे गए। तीसरे सरे दिवस पर प्रशिक्षक एवं चित्रकार देव कुमार के द्वारा पोर्ट्रेट बनाने की बारीकियों से अवगत कराया एवं प्राचार्य मेराज अहमद एवं वैष्णव कुमार का लाइव सुंदर पोर्ट्रेट बनाकर भेट किए गए, जिसकी सभी ने तारीफ की । अंतिम दिवस पर प्राचार्य मेराज अहमद ने संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने विद्यालयों में आधुनिकता को अपनाते हुए शिक्षण कार्य को और अधिक रूचिपूर्ण बनाना होगा। कला समन्वयक विकास शर्मा के द्वारा ये आश्वासन दिया कि सभी कला अध्यापकों द्वारा प्रशिक्षण के बाद अपने अपने विद्यालयों में छात्र/छात्राओं को कला कौशल संवर्धन नवाचार के माध्यम से कला शिक्षा को और अधिक रूचिपूर्ण बनाया जायेगा । सुखदेव सैनी एवं सतेंद्र कुमार के द्वारा पेपर क्राफ्ट के माध्यम से सुंदर फूलों का गुलदस्ता बनाकर प्राचार्य मेराज अहमद को भेट किया गया। कार्यक्रम में सुखदेव सैनी, विकास कुमार, सतेंद्र कुमार, नूतन, आंचल चौधरी, नेहा, नीलम त्यागी, अर्चना चौधरी, वंदना आर्य, अर्चना, नारायण सिंह, अमृता रावत, अंजलि चौहान, गीता, लाल सिंह, तबस्सुम, राधेश्याम, शरद सैनी, शकुन सिंह, रीता चौधरी, ममता गिरी, मुकेश कुमार, वीणा सैनी, मोनिका, अंकुर कुमार, आदि के द्वारा प्रतिभाग किया किया गया ।




























