
रुड़की। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की द्वारा 1 से 15 नवंबर 2025 तक जनजातीय गौरव दिवस-2025 का आयोजन भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में किया गया। इस पखवाड़े के दौरान संस्थान परिसर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर भारत की जनजातीय समुदायों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सतत जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम में पारंपरिक हथकरघा, जनजातीय भोजन एवं शिल्प की प्रदर्शनियों, स्वदेशी कला, लोकगीत एवं लोकनृत्य जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, तथा 01 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए जनजातीय फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर NIH के निदेशक डाॅ. वाई. आर. एस. राव ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और जनजातीय समुदाय के उत्थान में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि अरि. जी. एस. बुडियाल, निदेशक (ऑपरेशन्स), पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PTCUL) ने जनजातीय नायकों के संघर्ष, साहस और प्रेरणादायक प्रयासों को रेखांकित किया।
डाॅ. सुहास डी० खोब्रागडे ने जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और उनकी ऐतिहासिक विरासत पर विचार प्रस्तुत किए।
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का मूल्यांकन श्रीमती हार्ती राव, श्रीमती सविता गोयल और श्रीमती रिमाई अटोनिंग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं गतिविधियों की जानकारी डाॅ. एल. एन. ठाकुराल, नोडल अधिकारी, ने प्रदान की।
NIH रुड़की द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम जनजातीय समुदायों की पहचान, गौरव एवं योगदान को सम्मानपूर्वक याद करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।




























