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निरंजनी अखाड़े में धूमधाम से मनायी गयी भगवान कार्तिकेय जयंती और गुरू छठ पर्व भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं भगवान कार्तिकेय-स्वामी राजराजेश्वराश्रम

हरिद्वार। तपोनिधि श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में अखाडे के आराध्य एवं इष्ट देव भगवान कार्तिकेय की जयंती एवं गुरू छठ पर्व सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों के सानिध्य में श्रद्धा, उल्लास व धूमधाम के साथ मनाया गया। संतों व श्रद्धालुओं ने भगवान कार्तिकेय की पूजा अर्चना कर लोक कल्याण की कामना की। इस दौरान राज्य मंें आयी आपदा के दौरान राहत बचाव कार्यो में योगदान करने वाले एसडीआरफ और पुलिस के अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया गया।

महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि अखाड़े के आराध्य परम ज्ञानी और परम साधक भगवान कार्तिकेय भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं। शिव पुत्र भगवान कार्तिकेय की आराधना से सुख समृद्धि, यश व कीर्ति की प्राप्ति होती है। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने सभी को कार्तिकेय जयंती और गुरू छठ पूर्व की शुभकामनाएं दी और धर्मानुकुल आचरण करते हुए सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य ने अखाड़ों की स्थापना की और धर्म रक्षा के लिए शास्त्र और शस्त्र दोनों को अपनाने का आहवान किया। स्थापना के बाद से ही अखाड़े धर्म रक्षा के दायित्व को निभा रहे हैं। अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि संत महापुरूष सनातन धर्म संस्कृति के ध्वजवाहक और समाज के मार्गदर्शक हैं। आदिगुरू शंकराचार्य द्वारा स्थापित परंपरांओं का पालन करते हुए अखाड़ों के नेतृत्व में संत समाज सनातन धर्म संस्कृति को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि धर्म रक्षा में अखाड़ों का हमेशा ही अहम योगदान रहा है। जब-जब राष्ट्र और धर्म पर संकट आया, अखाड़ों ने आगे बढ़कर अपने दायित्व को निभाते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति की रक्षा के साथ अखाड़े विभिन्न सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सेवा में भी सहयोग कर रहे हैं। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महंत दिनेश गिरी, महंत राजगिरी, महंत केशवपुरी, महंत नरेश गिरी, महंत राकेश गिरी, एसएमजेएन कालेज के प्राचार्य प्रो.सुनील कुमार बत्रा, मनसा देवी मंदिर के ट्रस्टी अनिल शर्मा ने सभी संतों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।

इस अवसर पर महंत दर्शन भारती, महामंडलेश्वर स्वामी आदियोगी पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी, महंत बलराम भारती, महंत अरूण दास, महंत भूपेंद्र गिरी, स्वामी राममुनि, स्वामी चक्रपाणि, स्वामी गंगा गिरी, स्वामी सहजानंद पुरी, स्वामी विज्ञानानंद, महंत राघवेंद्र दास, महंत गोविंददास, महंत सतीश गिरी, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत देवानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महंत सूरजदास, महंत नारायण दास पटवारी, स्वामी शुभम गिरी, महंत बिहारी शरण, महंत अंकित शरण, स्वामी चिदविलासानंद, महंत संपूर्णानंद, महंत राधेगिरी, महंत गंगादास, स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी रविपुरी, महंत आलोक गिरी, स्वामी आशुतोष पुरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

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