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किसानों को उनकी डिमांड के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराया जाएं सहकारी समितियां के माध्यम से पूर्व में वितरित किया गये ऋण की तेजी से वसूली की जाए सीडीओ/ प्रशासक डीसीबी की अध्यक्षता मेंसहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित

हरिद्वार। आज आकांक्षा कोण्डे प्रशासक/मुख्य विकास अधिकारी जनपद हरिद्वार की अध्यक्षता में जिला सहकारी बैंक लिमिटेड हरिद्वार एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला सहकारी बैंक की सचिव/महाप्रबंधक वंदना लखेड़ा, उप महाप्रबंधक चरण सिंह, जिला सहायक निबंधक पुष्कर सिंह पोखरिया सहित विभागीय अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में जनपद की सहकारी समितियों द्वारा वितरित कृषि ऋण की 01 जुलाई 2024 की बकाया राशि की वसूली हेतु 30 जून 2025 तक शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही एनपीए खातों की वसूली के लिए ठोस कार्य योजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जनपद को आवंटित अल्पकालिक एवं मध्यकालिक कृषि ऋण वितरण लक्ष्यों की शत प्रतिशत पूर्ति हेतु निर्देशित किया गया। जनपद की समस्त सहकारी समितियों के लेखा-जोखा में व्याप्त असंतुलन को दूर करने हेतु जिला सहायक निबंधक को आवश्यक योजना तैयार कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

जनपद की कुल 43 समितियों में शेष 15 समितियों की उर्वरक ऋण सीमा स्वीकृति हेतु आवश्यक ऑडिट नोट एवं अनुपालन रिपोर्ट 31 मई 2025 तक बैंक मुख्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कृषकों को उर्वरक आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

बैठक में जनपद की सहकारी समितियां में हुई वित्तीय अनियमितताओं एवं गबन के मामलों की समीक्षा करते हुए दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सहकारी समितियों द्वारा चलाए जा रहे वसूली अभियान के अंतर्गत की जा रही अल्पकालिक एवं मध्यकालिक ऋण वसूली की दैनिक प्रगति रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत जनपद को आवंटित ₹100 करोड़ अल्पकालिक एवं ₹20 करोड़ मध्यकालिक कृषि ऋण की शत-प्रतिशत पूर्ति हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे कृषकों को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की जा सके। बैठक में जनपद की समितियां में विद्यमान इम्बैलेंस की समीक्षा की गई तथा इनबैलेंस को कम करने के लिए जिला सहायक निबंधक को निर्देशित किया गया। अंत में, समितियों में कार्यरत कैडर सचिवों के वेतन संबंधी समस्याओं हेतु सचिव/महाप्रबंधक, जिला सहायक निबंधक एवं उप-महाप्रबंधक की एक संयुक्त समिति द्वारा आख्या प्रस्तुत किए जाने का निर्णय लिया गया।

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