
नई दिल्ली। भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। आज हुई कार्रवाई को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी साझा की है। विदेश मंत्रालय की इस प्रेस कॉन्फेंस को कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिस्री शामिल हुए। कर्नल सोफिया ने बताया कि, गुरुवार को भारत के सीमावर्ती राज्यों के कई ठिकानों को निशाना बनाया था। जिसे नाकाम कर दिया गया था। इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने एलओसी पर गोलीबारी बढ़ा दी है। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत ने करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान के रडार सिस्टम को हमने निशाना बनाया। लाहौर का एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिया गया। पहलगाम हमले का भारतीय सेना ने जवाब दिया है।

विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री ने माना है कि उनका आतंकी संगठनों के साथ कैसा रिश्ता है। उनकी छवि आतंक समर्थक की है। पाकिस्तान पहलगाम हमले की जांच की मांग कर रहा है, हम सभी को पाकिस्तान का इतिहास पता है। हम पहले भी आतंकी हमलों की जांच के सारे सबूत दे चुके हैं। मुंबई, पुलवामा, पठानकोट के हमलों को लेकर भी हमने सबूत दिए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान ने हमेशा आतंकियों का बचाव किया है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि सात मई को केवल आतंकी शिविरों को ही निशाना बनाया गया। हमने किसी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है। पाकिस्तान ने भारत के पुंछ में सिख गुरुद्वारे पर हमला किया। सिख समुदाय को निशाना बनाया। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। हम इसकी निंदा करते हैं। विदेश सचिव ने कहा कि वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में पाकिस्तान की प्रतिष्ठा कई उदाहरणों में निहित है। मुझे यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि ओसामा बिन लादेन कहां पाया गया था और किसने उसे शहीद कहा था। पाकिस्तान बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों और कई देशों द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों का भी घर है।





























