
राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान रूड़की द्वारा दिनांक 25/3/2025 को “राजभाषा नीति कार्यान्वयन तथा सूचना

प्रौद्योगिकी उपकरणों का हिन्दी कार्यों में प्रयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला

का उद्घाटन डॉ सोबन सिंह रावत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं राजभाषा प्रभारी के कर कमलों द्वारा किया गया । राजभाषा

प्रभारी ने कार्यशाला में उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से अनुरोध किया कि हमें कार्यालय में सरकारी
काम-काज के दौरान सरल शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। संस्थान द्वारा हर तिमाही कार्यशालाओं का आयोजन

इसीलिए किया जाता है कि कर्मचारी राजभाषा हिन्दी में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित हों तथा अधिकतर कार्य हिन्दी में
करते हुए राजभाषा की प्रगति में योगदान दें। कार्यशाला में व्याख्यान दाता के रूप में श्री ललित भूषण, अवर लेखा
अधिकारी एवं सदस्य सचिव, नराकास उपक्रम गाजियाबाद ने अपने व्याख्यान में राजभाषा संबंधी विभिन्न प्रावधानों
एवं नियमों के अतिरिक्त राजभाषा हिन्दी में कार्य करने के लिए उपलब्ध आई.टी. टूल्स, राजभाषा नीति के
कार्यान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की । वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी प्रदीप कुमार उनियाल ने कार्यालय में
सामान्य कामकाज के दौरान प्रयोग होने वाले शब्दों एवं वाक्याशों का सार्थक एवं समुचित उपयोग करने पर बल दिया
। कार्यशाला का संचालन करते हुए पवन कुमार, निजी सचिव ने कहा आज के व्याख्यान का विषय बहुत ही रोचक था
इससे कर्मचारी एवं अधिकारियों को अपना काम-काज करने में आसानी होगी तथा भविष्य में सभी प्रतिभागी अपने
काम-काज में ज्यादा से ज्यादा हिन्दी का प्रयोग करेंगे तथा संस्थान के अन्य सहयोगियों को भी कार्य हिन्दी में करने
के लिए प्रेरित करेंगे । प्रतिभागियों द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ कार्यशाला सम्पन्न हुई । इस कार्यशाला में उमेश कुमार
सिंह, शशि रंजन शाहू, पिन्टू कुमार गुप्ता, जतिन मल्होत्रा, अमित पांडेय, सुश्री पूनम, द्रोण खुराना, तिलक राज सपरा,
महेन्द्र सिंह, निशा किचलू, प्रिया गगनेजा, दिलीप तिवारी, विकास गुप्ता, चरण सिंह चौहान, काजल पाल, सीमा भाटिया,
नरेश कुमार सैनी, अमित रावत, संदीप कुमार, अंबिका, पदम कुमार शर्मा, अनिता ध्यानी, प्रदीप कुमार उनियाल, पवन
कुमार, राजेन्द्र कुमार पी.के. अग्रवाल, हंसराज, विपिन जोशी, दीपक, बंटी यादव मौजूद रहे ।




























