अखिल भारतीय ज्योतिष धर्म अध्यात्म महासम्मेलन में विद्वान ज्योतिषाचार्यों ने ज्योतिष को बताया सनातन संस्कृति की सबसे प्राचीन विद्या

रुड़की।उत्तराखंड ज्योतिष परिषद की ओर से नगर स्थित माही पैलेस में अखिल भारतीय ज्योतिष धर्म अध्यात्म महासम्मेलन आयोजित हुआ,जिसमें देश भर से दो सौ से अधिक विद्वान ज्योतिषचार्यों ने भाग लिया।मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शंकराचार्य राज राजेश्वरम जी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति व वैदिक ज्योतिष आपस एक दूसरे को जोड़ते हैं।ज्योतिष सनातन धर्म की सबसे प्राचीन विद्या है।भारतीय सनातन संस्कृति एक ऐसा संसाधन है,इसके माध्यम से आप संसार में रहते हुए संसार से जब आप जाएंगे और उसके बाद भी आपके कल्याण की

व्यवस्था की गई है।सनातन संस्कृति में हम जीवन भर भगवान का भजन कर सकते हैं,तत्पश्चात भी हम अपने जीवन में पुण्य प्राप्त कर सकते हैं,क्योंकि हमारे परंपरागत जो हमारे वंश हैं वह हमारे लिए सब कर्म करते हैं और भारतीय संस्कृति की विशेषता यह है कि इस संपूर्ण विश्व में घटने वाली घटनाओं के बारे में पूर्वानुमान सिर्फ ज्योतिष वेद के विशिष्ट पंचांग ज्योतिष के द्वारा ही तय किया जा सकता है।हमारी संस्कृति की पहचान यह है कि हम प्रकृति पूजक हैं।हम वर्षों की पूजा करते हैं,हम नदियों की पूजा करते हैं,हम जीव-जंतुओं की पूजा करते हैं,हम चींटी से लेकर के संपूर्ण संसार में जितने जीव हैं उनके कल्याण के लिए हम लोग काम करते हैं।यही भारतीय संस्कृति है।उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सबसे ज्यादा पर्यावरण का संसाधन रखा गया है‌।वृक्षों के साथ-साथ हम लोग पहाड़ों,नंदी बैल और हम मूषक की भी पूजा करते हैं।हम स्वान की भी पूजा करते हैं तो प्रकृति में संसार के

में जितना सत्कर्म है,वहीं भारतीय संस्कृति का मूल है और एक छोटे से पंचांग के माध्यम से संपूर्ण आकाश मंडल के नक्षत्र की सटीक जानकारी अगर कहीं है तो भारतीय सनातन संस्कृति में ही है। ज्योतिष महासम्मेलन में आचार्य शुभेष शर्मन अंतरराष्ट्रीय ज्योतिर्विद, आचार्य पद्मेश दुबे,पंडित अनिल वत्स, आचार्य वशिष्ठ,अजय आचार्य,अमित शर्मा,आचार्य अवधेश आदि ज्योतिष आचार्य ने ज्योतिष की महत्ता का वर्णन करते हुए अपने-अपने विचार रखे।समाजसेवी डॉक्टर अर्पित सैनी द्वारा अपने स्वर्गीय पिता श्यामलाल सैनी की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित हुए इस महासम्मेलन में आए सभी ज्योतिषचार्यों का सम्मान कियागया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रूप से शंकराचार्य राज राजेश्वरम जी महाराज द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम से पूर्व पूजा-अर्चना की गई।इस अवसर पर राजकुमार द्विवेदी,प्रिया शर्मा,अमित शर्मा,ऋषिकेश शुक्ला,कविता चैतन्य,विधायक प्रदीप बत्रा,नगर पालिकाध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी डोईवाला,शिवम सैनी,पंडित राम विलोचन शास्त्री, श्रीमती रश्मि चौधरी,अजय टांक व इमरान देशभक्त आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।महासम्मेलन के अंत में आए सभी अतिथियों एवं ज्योतिषाचार्यों का संयोजक आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज द्वारा सम्मान व आभार प्रकट किया गया।

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