
रुड़की नगर निगम में शिकायतकर्ताओं की शिकायत सुनने एवं उनका निस्तारण करने के लिए पहुंचे जिला अधिकारी हरिद्वार के समक्ष आज निगम में पंजीकृत कुछ ठेकेदारो के द्वारा टेंडर प्रक्रिया को लेकर नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। सूत्रों के मुताबिक नगर निगम में किए गए 130 टेंडरों की तारीख 7 अक्टूबर 2024 के 1 दिन बाद 8 अक्टूबर 2024 तक शाम 6 बजे तक अधिकारियों द्वारा अपने चाहते ठेकेदारों के पक्ष में टेंडर किए गए। इन टेंडरों की अनुमानित लागत लगभग 12 से 13 करोड रुपए थी। यह भी आरोप लगाया गया कि जिन ठेकेदारों के पक्ष में यह टेंडर किए गए हैं उनसे मोटी रकम वसूल करके ठेकेदारों को टेंडर कर दिए गए हैं। निर्माण बाबू अवर अभियंता एवं सहायक अभियंता की भूमिका संदेह के घेरे में बताई जाती है। ठेकेदारों के द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है की नगर निगम के बाबू द्वारा यह टेंडर नगर निगम कार्यालय की जगह गांधी वाटिका स्थित अपने आवास पर आवंटित किए गए हैं। टेंडर 30 से 40% ब्लो रेट में आवंटित किए गए हैं जिस से की मोटी धनराशि उक्त ठेकेदारों से घूस के रूप में अर्जित की गई है।जिलाधिकारी महोदय से इस मामले में उचित कार्यवाही की मांग भी की गई है। सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी की जीरो टॉलरेंस की सरकार में सरकार को ही लगभग 40 लख रुपए का चुना अधिकारियों द्वारा लगाया गया है। अब इस प्रकार से लिए गए टेंडरों से क्या वास्तव में जनता के लिए सही कार्य यह ठेकेदार करेंगे। इसका संज्ञान प्रशासनिक अधिकारियों को अवश्य लेना चाहिए एवं भारतीय जनता पार्टी की सरकार को कड़े कदम इन अधिकारियों के खिलाफ उठाने की आवश्यकता है। अब देखते हैं सत्यमेव जयते का नारा क्या वास्तव में काम करता है। या फिर बात ऐसे ही आई गई हो जाएगी।






