डंपर ने लगाया ब्रेक…पीछे से घुसी कार, फिर ट्रॉला ने रौंदा; विभत्स था नजारा

हाईवे पर वाहनों का उचित दूरी न बनाकर चलने की भूल सोमवार को पांच परिवारों की खुशियां लूट ले गई। कम दूरी होने से आगे चल रहे डंपर के ब्रेक लगाने पर ऑल्टो कार उसमें जा घुसी और पीछे आ रहे सरिया लदे ट्रॉला ने ऐसी टक्कर मारी कि कार दोनों बड़े वाहनों के बीच पिचककर गठरी बन गई।कार सवार पीएसआईटी के चार बीटेक छात्रों और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। इसमें दो छात्राएं भी थीं। उनके शव क्षत-विक्षत हो गए। भौंती हाईवे के पास एलिवेटेड रोड पर हुए इस भीषण हादसे के बाद बस कुछ देर ही कार सवारों की चीखें सुनाई दीं। फिर सब शांत हो गए।

40 मिनट तक कटर से कार की छत और दरवाजे काटने के बाद शव दिखने शुरू हुए। डंपर और ट्रॉला के चालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सुबह 8:30 बजे के बाद हुए इस हादसे की वजह से हाईवे पर करीब तीन घंटे जाम लगा रहा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक संभवतः आगे चल रहे डंपर को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था और इस वजह से उसके बहुत करीब आ गया था। इसी वजह से डंपर के ब्रेक लगाने कार उसमें जा भिड़ी। उस समय रफ्तार बहुत न होने की वजह से कार और उस में सवारों लोगों को बहुत नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन पीछे आ रहा ट्रॉला उनके लिए काल बन गया।

बताया जा रहा है कि ट्रॉला में 70 टन से ज्यादा सरिया लदी थी।ट्रॉला ने भी ब्रेक लगाया लेकिन इतना बोझ लदा ट्रॉला रुकते रुकते भी 70 से 100 मीटर की दूरी तय कर लेता है, जो उस वक्त नहीं थी। ये सभी वाहन 20-25 मीटर की दूरी पर चल रहे थे। नियमतः गति बहुत ज्यादा न भी होने पर भी 70 से 90 मीटर की दूरी वाहनों के बीच होनी चाहिए।

कार में सभी छात्र और ड्राइवर चकेरी के सनिगवां रोड के रहने वाले थे। इनमें स्कूल संचालक राजेश सिंह का बेटा प्रतीक उर्फ अनूप सिंह (20) पीएसआईटी में इलेक्ट्रानिक्स का बीटेक फोर्थ ईयर का छात्र था। सोमवार सुबह प्रतीक मोहल्ले के ही अपने सहपाठी बीटेक (डेटा साइंस) थर्ड ईयर के छात्र सतीश सिंह (20), बीटेक (कंप्यूटर साइंस,फर्स्ट ईयर ) की छात्रा आयुषी पटेल (18), बीटेक (कंप्यूटर साइंस, थर्ड ईयर) की छात्रा गरिमा त्रिपाठी (19) के साथ विजय साहू (54) की कार से पीएसआईटी जा रहे थे।

कॉलेज से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले ही चकेरी भौंती एलिवेटेड रोड पर यह हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शी जुगराजपुर निवासी विश्वास शुक्ला ने बताया कि हादसा होते ही कार में फंसे चालक विजय साहू और चारों छात्रों की चीखें सुनकर राहगीरों ने किसी तरह डंपर को धकेलकर आगे किया, तब तक पुलिस भी पहुंच गई। कार में खून से सने बैग और यूनिफार्म देखकर पीएसआईटी प्रबंधन को सूचना दी गई।

इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि सिर और सीने में कार का डेशबोर्ड टकराने से पसलियां चकनाचूर हो गई। आंतरिक रक्तस्त्राव होना मौत का कारण बना है।

सीएम योगी ने जताया शोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी छात्रों की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों की हर संभव मदद करने के निर्देश भी दिए हैं।

फिलहाल हादसे की स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है। दोनों डंपरों के चालकों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। मामले में गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। – राजेश सिंह, डीसीपी पश्चिम

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