
कृषि जैव प्रौद्योगिकी में नई पहल: रुड़की में बागवानी किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित
रुड़की: 7 अक्टूबर 2024 को रुड़की ब्लॉक कार्यालय ऊब में बागवानी किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना और रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग को कम करना था। यह कार्यक्रम ग्रीनग्रही सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उत्तराखंड कृषि विभाग एवम उधान विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समय 11:00 से 12:30 बजे तक निर्धारित था, जिसमें बड़ी संख्या में बागवानी किसानों ने भाग लिया।


इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक और प्राकृतिक उर्वरकों के महत्व से अवगत कराना था, ताकि वे अपनी फसलों की पैदावार को बढ़ा सकें और उनके रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर सकें। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने यह बताया कि कैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और फसल उत्पादन पर भी इसका दुष्प्रभाव देखने को मिलता है। ग्रीनग्रही के द्वारा विकसित किए गए बायोमॉलिक्यूल्स आधारित प्राकृतिक उर्वरक, न केवल पैदावार बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि फसलों को रोग और तनाव से बचाने में भी सहायक साबित होते हैं।
ग्रीनग्रही सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड का परिचय
ग्रीनग्रही सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड एक अग्रणी कृषि-बायोटेक्नोलॉजी कंपनी है, जिसका उद्देश्य किसानों को स्थायी और नवाचारी कृषि समाधान प्रदान करना है। यह कंपनी कीट-आधारित बायोमोलेक्यूल्स की शक्ति का उपयोग करके ऐसे उत्पाद विकसित कर रही है, जो न केवल फसलों की पैदावार को बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि मिट्टी की सेहत में सुधार कर पौधों की समग्र वृद्धि को भी सशक्त बनाते हैं।
ग्रीनग्रही द्वारा किए गए उत्पादों के परीक्षण हरिद्वार, बागपत, गाज़ियाबाद, निज़ामाबाद और जबलपुर क्षेत्रों में सफलतापूर्वक किए गए हैं। इन क्षेत्रों में टमाटर, भिंडी, खीरा, फूलगोभी, लौकी, मिर्च जैसी सब्जियों के साथ-साथ गन्ना और धान की फसलों पर भी परीक्षण किए गए हैं, जहाँ इन उत्पादों ने बेहतर परिणाम दिखाए हैं। इन परीक्षणों में फसलों की ऊंचाई, हरेपन, पत्तियों की संख्या, शाखाओं की संख्या और कीटों व रोगों की संख्या में 30-40% की कमी दर्ज की गई है।
किसानों की प्रतिक्रिया
प्रशिक्षण में शामिल किसानों ने ग्रीनग्रही के उत्पादों के प्रति उत्साह प्रकट किया और बताया कि कैसे इन प्राकृतिक उर्वरकों ने उनकी फसलों की पैदावार और गुणवत्ता में सुधार किया है। कुछ किसानों ने कहा कि इन उत्पादों के प्रयोग से उनकी भूमि की उर्वरता में भी सुधार हुआ है और रासायनिक उर्वरकों पर उनकी निर्भरता कम हो रही है।
इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों और प्राकृतिक समाधानों की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे वे अपने कृषि उत्पादन को और बेहतर बना सकते हैं। ग्रीनग्रही की इस पहल से क्षेत्र के किसानों में जागरूकता बढ़ रही है, जो भविष्य में उनकी आर्थिक स्थिति और फसल उत्पादन में सुधार का मार्ग प्रशस्त करेगी।








