
Shimla Masjid Case: शिमला के संजौली में मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर चल रहे विवाद ने पूरे हिमाचल प्रदेश में तनाव पैदा कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद समेत हिंदू संगठनों ने इन निर्माणों के विरोध में आज राज्य भर में दो घंटे के बाजार बंद का आह्वान किया है।बाजार बंद के आह्वान के चलते सुबह से ही कई जिलों में व्यापारियों ने अपने दरवाजे बंद रखे हैं। शिमला के रामपुर उमंडल इलाके में ज्यूरी, झाकरी और नोगली में दुकानें दोपहर 1 बजे तक बंद रहीं। इसी तरह हमीरपुर जिले के स्थानीय व्यापार संघों ने सुबह 11 बजे तक बाजार बंद रखने की बात कही है।

इधर, व्यापक बंद के बावजूद, राजधानी शिमला और मॉल रोड जैसे उपनगरों में कोई खास असर नहीं दिखा। स्थानीय व्यापार मंडल ने दो दिन पहले ही आधे दिन का बंद रखा था। शिमला के पास सुन्नी बाज़ार में भी दुकानें बंद रहीं क्योंकि हिंदू संगठनों ने वहां विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी।बहरहाल, बंद के आह्वान पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद करके विरोध का समर्थन किया, जबकि अन्य ने खुली रहने का विकल्प चुना। उदाहरण के लिए, सिरमौर जिले में नाहन के व्यापार मंडल ने बंद में भाग नहीं लिया, जिससे उनके बाजार चालू रहे।सत्यापन नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग

विश्व हिंदू परिषद के राज्य मंत्री तुषार डोगरा ने बताया कि व्यापारियों से शांतिपूर्ण बंद का समर्थन करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध मस्जिद निर्माण दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। डोगरा ने अन्य राज्यों से आए लोगों द्वारा हिमाचल में बिना उचित सत्यापन और पंजीकरण के व्यवसाय करने पर भी चिंता जताई।उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं और उन्होंने मांग की कि अधिकारी पंजीकरण और सत्यापन नियमों को सख्ती से लागू करें। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विवाद के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विरोध प्रदर्शन और बाजार बंद के बीच व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

हिंदू संगठनों ने निकाली रैली
वहीं मस्जिद में अवैध निर्माण हटाने और प्रवासियों की जांच की मांग पर अड़े सुन्नी में आज हिंदू संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। बाजार में प्रदर्शन के लिए सैकड़ों की तादाद में लोग पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल हैं। रैली सुन्नी चौक पर पहुंचने के पश्चात हिंदू संगठनों के नेताओं ने यहां लोगों को संबोधित किया। उन्होंने संजौली प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग भी की है।





























