
केंद् राज्य सरकारें देशवासियों की समस्या परेशानियों को ध्यान में रखकर न केवल नई योजनाओं को लॉंच करती है, बल्कि पुरानी योजनाओं में तब्दीली भी करती रहती है. नियमों में इन बदलावों योजनाओं के पीछे सरकार का उदेश्य देशवासियों को जीवन स्तर में सुधार करना है.इन योजनाओं के माध्यम से सरकार गरीब पिछड़े लोगों का आर्थिक सामाजिक स्तर उठाने का प्रयास करती है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हाल ही में बड़ा फैसला लेने जा रही है. दरअसल, आज यानी बुधवार शाम को कैबिनेट की बैठक हो रही है. इस बैठक में देश के 70 साल या उससे ऊपर के लोगों को शामिल करने का प्रस्ताव है.
देशभर में खुशी का माहौल

दरअसल, लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणापत्र में 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को आयुष्मान योजना के दायरे में लाने का वादा किया था. वादे के क्रम में ही सरकार अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट में ला रही है. फिलहाल इस योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलने की सुविधा है. वर्तमान में 55 लाख पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत यह योजना साल 2017 में शुरू की थी. हालांकि वेस्ट बंगाल समेत कई ऐसे राज्य हैं, जहां की सरकारों ने इस योजना का लागू करने के मना कर दिया है इसके स्थान पर नई योजना लॉंच कर दी है.70 साल या उससे ज्यादा की उम्र वाले लोगों की मौज
आयुष्मान भारत योजना की खास बात यह है कि आप देशभर के चिह्नित सरकारी या गैर सरकारी अस्पतालों में अपना इलाज करा सकते हैं. अस्पताल में भर्ती होने डिस्चार्ज के 10 दिन बाद के इलाज का खर्चा भी इस योजना में शामिल है. केंद्र सरकार की यह योजना देशवासियों के लिए एक वरदान साबित हुई है. अब अगर 70 साल या उससे ज्यादा की उम्र वाले लोगों को इसमें शामिल किया जाता है तो बुजुर्गों को इलाज कराना काफी आसान साबित होगा.






