आखिरकार भारतीय जनता पार्टी शीर्ष नेतृत्व द्वारा हरिद्वार संसदीय सीट एवं पौड़ी संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिए गए। बताते चलें इस बार हरिद्वार संसदीय सीट पर पार्टी ने पूर्व सांसद डॉक्टर रमेश निशांक पोखरियाल पर विश्वास न जताते हुए सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिग्गज भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत पर विश्वास जताया है। अगर देखा जाए तो बहुत सी भ्रांति फैली हुई थी कि किसी संत या बाबा या संत या बाबा के प्रारूप रखने वाले किसी व्यक्ति को हरिद्वार संसदीय सीट से टिकट मिल सकता है। लेकिन इन सब बातों का खंडन करते हुए शीर्ष नेतृत्व ने त्रिवेंद्र सिंह रावत पर विश्वास जताया बताते चलें डॉक्टर रमेश मिशन पोखरियाल जो की पूर्व सांसद हैं हरिद्वार संसदीय सीट से उनका टिकट काट दिया गया है। कारण चाहे कुछ भी रहा हो लेकिन अगर देखा जाए तो मुख्य कारण अपने कार्यकाल में जनता के बीच में न जाना जनता से संपर्क ना करना एवं अपनी सांसद निधि को जनता के कल्याण के लिए प्रयोग न करना यह मुख्य कारण बताए जाते हैं। अगर देखा जाए तो पूर्व सांसद डॉक्टर रमेश निशंक पोखरियाल जनता से मिलने में पिछले 5 साल में कंजूसी बरतते रहे जो कि इस बार उनके पक्ष में उचित नहीं रहा। अगर बात की जाए तो पूरी संसदीय क्षेत्र को छोड़ दें अपना गांव जो उनके द्वारा गोद लिया गया है उसमें भी उन्होंने कोई ऐसा कार्य नहीं किया जिसको लेकर शीर्ष नेतृत्व संतुष्ट दिखाई दे। कारण चाहे जो भी रहा हो लेकिन अब वास्तविकता यह है की हरिद्वार संसदीय सीट से त्रिवेंद्र सिंह रावत चुनावी मैदान में है। बात करें पौड़ी गढ़वाल संसदीय सीट की तो वहां पर भी प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। पौड़ी गढ़वाल से अनिल बलूनी को चुनाव लड़ने का दायित्व मिला है। इस प्रकार से उत्तराखंड की पांचो सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं अब देखने वाली बात यह है कितने प्रत्याशी शीर्ष नेतृत्व की आशाओं पर खड़े उतरते हैं। और चुनाव जीतकर पार्टी को सशक्त करते हैं।






























