शहर के विभिन्न मोहल्लों में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। कई मोहल्लों में आवारा कुत्ते छोटे बच्चों को काट कर घायल कर चुके हैं। इसके बाद भी संबंधित विभाग ने इन कुत्तों से लोगों को राहत दिलाने की कोई पहल नहीं की है। आवारा कुत्तों से यहां मकतूलपुरि, रामनगर , पुरानी रेलवे रोड, संजय कालोनी, मथुरा विहार सहित अन्य मोहल्लों में रहने वाले लोग खासे दहशत में हैं।

आवारा कुत्तों के हमले के भय से छोटे बच्चों का बाहर खेलना भी बंद हो गया है। कई अभिभावक अपने बच्चों को कुत्तों के भय से स्कूल भेजने में भी चिंतित रहते हैं। बच्चों को साथ लाते वक्त हाथ में डंडा होने के बाद भी चेहरों पर भय की लकीरें स्पष्ट दिखाई पड़ती हैं। बीते एक सप्ताह से शहर के विभिन्न मोहल्लों में आए दिन आवारा कुत्तों के काटने की घटना हो रही हैं। दो पहिया वाहन से जाते हुए भी आवारा कुत्तों के झुंड अचानक हमला कर पैर को नोंच ने की कोसीस करते हैं जिस से वाहन अनियंत्रित हो जाता है एवं दुर्घटना की संभावना हो जाती है,आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ जाने से शहर के लोगों में जगह जगह भय का वातावरण बना हुआ है।वार्ड 27 मकतूलपुरी की महिलाओं का कहना था कि आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ जाने से उन्हें हर समय घर के दरवाजे बंद रखने पड़ रहे हैं। इन दिनों आवारा कुत्तों की अचानक भीड़ टूट पड़ने से बच्चों का भी घर के बाहर खेलना और घूमना बंद हो गया है। अस्पताल में कुत्तों के काटने वाले मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन उपलब्ध हैं। मंहगे इंजेक्शन होने के बाद भी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को निशुल्क दवा मुहैया कराई जा रही है। आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों की परेशानी के संबंध में आए दिन शिकायतें मिल रही हैं





























