शीतकालीन अवकाश के कारण एक महीने तक सभी सरकारी व प्रावइेट स्कूल बंद थे, ऐसे में आज सोमवार को सभी स्कूल खुल गए। स्कूल खुलने के साथ बच्चों उत्साह भी इतना अधिक था कि वो भागकर अपनी कक्षाओं में पहुंच गए और मित्रों से गले मिले। एक महीने के बाद स्कूल खुले थे ऐसे में प्राइवेट स्कूलों की अपेक्षा सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या भी कम रही।अध्यापक भी मान रहे है कि एक दो दिन में सभी कक्षाओं के विद्यार्थी आना शुरू हो जाएंगे।कुछ विद्यार्थी स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे। उसकी खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही स्कूल के मुख्य गेट पर पहुंचे तो भागकर अपनी कक्षाओं तक पहुंचे और अपने मित्रों से मिले। इसके अलावा छोटे बच्चे स्कूल न जाने की जिद भी कर रहे थे। ऐसे में उनके अभिभावक छोटे बच्चों को स्कूल या वैन तक लेकर आए ताकि वह स्कूल जा सके।किसी ने कहा मामा के पास गया तो किसी ने कहा बुआ के पास एक महीने के अवकाश के बाद जैसे ही विद्यार्थी कक्षा में पहुंचे तो पढ़ाई से ज्यादा वो ये पूछ रहे थे कि छुट्टी के दौरान कहां घूमने के लिए गए थे। किसी विद्यार्थी ने कहा कि वो शिमला घूमने के लिए गया तो किसी ने कहा मामा तो किसी ने बुआ के पास जाने की बात कही। पहला दिन होने के कारण पढ़ाई भी इतनी नहीं हुई। एक महीने के लिए जो होमवर्क दिए थे वो अध्यापक चेक करते रहे। जिन बच्चों का होमवर्क पूरा नहीं हुआ था वो सुबह बस के इंतजार से पहले पूरा करते नजर भी आए। सुबह 9 बजे ही स्कूल लग गए थे और दोपहर 2 बजे छुट्टी हुई।
शीतकालीन अवकाश के एक महीने के बाद खुले स्कूल, बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी
