रुड़की शहर में करवा चौथ का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। करवा चौथ के त्यौहार को देखते हुए शहर के बाजार भीड़ से भरे हुए दिखाई दिए। अगर देखा जाए इस त्यौहार के माध्यम से व्यापारी बंधुओ के चेहरे भी खिले हुए दिखाई दिए। अगर देखा जाए सनातन धर्म में एक पत्नी का अपने पति के प्रति प्रेम,निष्ठा और समर्पण किस प्रकार कूट-कूट कर भरा हुआ है वह करवा चौथ के त्योहार से देखते ही समझ आता है। इसी क्रम में रुड़की शहर एवं पूरे भारतवर्ष में करवा चौथ का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी एवं दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा गया एवं कहीं-कहीं पर कुछ पुरुषों द्वारा भी अपनी धर्मपत्नी की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा गया। अगर देखा जाए तो सनातन धर्म की विभिन्न विशेषताओं में से एक यह विशेषता भी उजागर होती है। जिसके मध्य नजर यह दिखाई देता है कि किस प्रकार पति-पत्नी एक दूसरे पर विश्वास करते हैं और किस प्रकार एक दूसरे के प्रति समर्पित हैं।






























