विद्या भारती शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित आनन्द स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मन्दिर ने समाज को सर्वव्यापी बनाने के लिए 9वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को पूरे हर्षोल्लास से आयोजित किया गया।सर्वप्रथम कार्यक्रम अध्यक्ष ले० कर्नल नरसिंह जी, मुख्य अतिथि श्री सुशील चमोली सेवाभारती (जिला मंत्री) एवं प्रधानाचार्य श्री अमरदीप सिंह जी ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित व पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।कार्यक्रम अध्यक्ष श्री नरसिंह जी ने बताया कि योग के द्वारा सम्पूर्ण मानव जाति को स्वस्थ रखने, मन की एकाग्रता को बढाने तथा मेधा शक्ति बढ़ाने में सहायक है तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अमरदीप सिंह जी ने भी छात्र छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि”योगश्चित्त वृत्ति निरोधः” अर्थात् योग से चित्त वृत्तियों का निरोध होता है। योग जीवन जीने की कला है जिसके द्वारा मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है भारतवासी सदा ही योगासनों के माध्यम से स्वस्थ शरीर स्वस्थ मस्तिष्क के साथ-साथ लम्बी आयु प्राप्त करते रहे है और विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाव के लिये भी योगासन अत्यन्त महत्वपूर्ण रहे है। विद्यालय के योगाचार्य श्री तिलक राम चौहान ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा जारी किए गये योग प्रोटोकॉल का_”वसुधैव कुटुंबकम” के साथ योग थीम पर योग के विभिन्न लाभप्रद आसन, सूक्ष्म क्रियाऐं, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। आज की भागदौड और तनाव से भरी जीवनशैली में योग मनुष्यों के लिये अत्यंत लाभप्रद और अनिवार्य हो गया है। अतःभारत देश में सब स्वस्थ, सुखी और आनन्द में रहे इस हेतु विद्यालय हर संभव प्रयास करता रहेगा।कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शारीरिक शिक्षक श्री सचिन कुमार जी ने किया इस अवसर पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य श्री मोहन सिंह मटियानी, श्री आशुतोष शर्मा जी,
श्री जसवीर सिंह पुण्डीर एवं छात्र/छात्राऐं, शिक्षक शिक्षिकाएँ व कर्मचारी गण उपस्थित रहें
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