रूड़की। मेयर गौरव गोयल ने जब से चार्ज संभाला तभी से उनके प्रतिद्वंदी उनके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। वह 1 दिन भी चुप नहीं बैठे हैं। मेयर समर्थकों का कहना है कि विरोधी लोगों की कोशिश शुरू से ही मेयर गौरव गोयल को किसी न किसी ढंग से बदनाम करने की रही है । इसके लिए उन्हें चाहे कोई भी रास्ता इख्तियार करना पड़ा। यह वही है जो मेयर गौरव गोयल से चुनावी मैदान में हारे। जिनके समर्थक एक बात की चार बात बताकर मेयर गौरव गोयल की छवि को धूमिल करने की कोशिश में लगे हैं । मेयर समर्थकों का कहना है कि
कभी उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर तो कभी शासन स्तर पर शिकायत करना । कभी अपने द्वारा तैयार कराई गई आॅडियो, वीडियो वायरल कराना। यहां तक कि नगर निगम कार्यालय में जाकर बेवजह हंगामा करना। फिर मीडिया में तमाम तरह की रिपोर्ट प्रकाशित कराना। अपने कुछ खास लोगों से पोर्टल पर यह लिखवाना की मेयर गौरव गोयल पर नगर निगम नहीं संभल रहा है। इस बीच जो भी नया ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, अपर उपजिलाधिकारी और तहसीलदार यहां तक कि पुलिस अधिकारी आया हो। गुलदस्ता देने के बहाने सभी को यही बताया गया है कि मेयर कुछ भी नहीं है। जबकि किसी भी अधिकारी का पहले दिन ही इस इस बात से क्या लेना देना रहता है कौन कैसा है। लेकिन मेयर के प्रतिद्वंद्वियों ने पहला काम यही किया । कई बार तो देखने में आया है कि व्यापारियों की बैठक हुई । अधिकारियों के समक्ष व्यापारी के मुद्दे उठाए जाने चाहिए थे । लेकिन वहां पर भी कहा कि मेयर तो बेकार है । मेयर समर्थकों का मानना है कि जनता कुछ दिन तक तो समझ नहीं पाई लेकिन जब कुछ गिने चुने लोग लगातार मेयर विरोधी अभियान जारी रखे रहे तो आम व्यक्ति समझ गया है कि यह तो सब मेयर को की छवि धूमिल करने के लिए किया जा रहा है। उनके कामकाज में बेवजह दखल दिया जा रहा है । ताकि वह आगे कोई चुनाव लड़ने की ना सोच सके। जनता के बीच ना जा सके ऐसे हालात उत्पन्न करने की कोशिश प्रतिद्वंद्वियों के समर्थकों द्वारा किए जा रहे हैं । यह पूरी तरह सच भी है कि आज भी नगर निगम में मेयर व उनके प्रतिद्वंद्वियों के बीच सामाजिक, राजनीतिक , धार्मिक, आध्यात्मिक तौर पर तुलना कर ली जाए तो मेयर अपने प्रतिद्वंद्वियों से 21 है यानी कि आज भी जनता में मेयर गौरव गोयल की पकड़ प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले काफी अच्छी है । उनके प्रति जनता में अच्छी बात यह है कि एक तो उन्होंने कभी किसी को गाली गलौज नहीं की है । कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है कि व्यापार की दृष्टि से किसी का लेनदेन में झगड़ा हुआ हो। किसी का लेकर दिया ना हो। मेयर समर्थकों का कहना है कि गलत लोगों को साथ लेकर वह कभी बाजार में नहीं निकले हैं। ना किसी भी कार्यक्रम में उन्होंने अपनी दबंगई दिखाने की कोशिश की है । वही सादगी भरे अंदाज में रह रहे हैं और बोल चाल में भी कोई तल्खी नहीं दिखाई दी। वैसे भी गौरव गोयल एक प्रतिष्ठित परिवार से है। लाला केदारनाथ के पोते हैं। परिवार के संस्कार उनमें साफ तौर पर दिखाई भी देते हैं। हालांकि जो कुछ लोग उनसे नाराज हैं उनकी भी अपनी मजबूरी है। क्योंकि उनके नेता पहले भी मेयर के सामने चुनाव हार चुके हैं और आगे भी मेयर के सामने वह जनता के बीच कहीं नहीं टिक रहे हैं । इसीलिए वह कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह मेयर को जनता की नजरों में कमजोर कर दिया जाए। चाहे हथकंडा जो अपनाना पड़े। यह बात अलग है कि अभी तक उन्हें कोई सफलता जनता के बीच नहीं मिली है । मेयर समर्थक बता रहे हैं कि धीरे धीरे कर सच्चाई सामने आ रही है । यहां तक कि भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इस बात को समझ गए हैं कि मेयर गौरव गोयल को परेशान किया जा रहा है और उन्हें सही ढंग से काम करने नहीं दिया जा रहा है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने तो रुड़की के चर्चित नेताओं को मुंह पर ही कह दिया था कि जनता में अच्छे काम करो ताकि आम व्यक्ति के दिल में आप के लिए जगह बन सके । दूसरे को रोकने की कोशिश करना ठीक नहीं है। यह नकारात्मकता व्यक्ति को कई बार और पीछे धकेल देती है। पर जिन्होंने चुनाव हारने के बाद ही कसम खा ली हो कि कार्यकाल पूरा होने से पहले गौरव गोयल को पद से हटाना है । उसके खिलाफ रोजाना षडयंत्र रचने हैं । उसे इतना बदनाम कर देना है ताकि न तो उसके नाम पर भाजपा में विचार हो सके और न ही जनता उसे स्वीकार कर सके।







